आगरा डीएम का एक्शन, जिले के सभी अवैध वाटर पार्कों के संचालन पर लगाई रोक

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आगरा डीएम का एक्शन, जिले के सभी अवैध वाटर पार्कों के संचालन पर लगाई रोक

UP News: आगरा में दो बच्चों की डूबने से मौत के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अवैध वाटर पार्कों को अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए हैं. जांच में इन पार्कों के बिना जरूरी अनुमति संचालित होने और सुरक्षा मानकों का पालन न करने की बात सामने आई.

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UP News: यूपी के आगरा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हाल ही में दो मासूमों की डूबने से मौत के बाद प्रशासन सख्त हो गया है. जांच के दौरान सामने आया कि कई वाटर पार्क बिना जरूरी अनुमति के संचालित हो रहे थे. साथ ही यहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी नहीं थे. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रविवार को काका चौधरी वाटर पार्क (फतेहपुर सीकरी, तहसील किरावली), केजी वाटर पार्क (मुढ़ी रोड, जहांगीरपुर, तहसील एत्मादपुर), रिमझिम वाटर पार्क (अंसल टाउन, बरौली अहीर), मां भगवती एंटरप्राइजेज यानी रेनबो वाटर पार्क (मिढ़ाकुर) और प्रकाश वाटर पार्क (जलेसर रोड, टेढ़ी बगिया) सहित पांच अवैध वाटर पार्कों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

दो बच्चों की मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन

एक जुलाई को खंदौली स्थित ब्लू व्हेल वाटर पार्क के स्विमिंग पूल में 10 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी. इस मामले में पार्क संचालक को गिरफ्तार भी किया गया था. इससे पहले 18 मई को बिचपुरी-अछनेरा रोड स्थित तेवतिया वाटर पार्क में भी आठ साल के एक मासूम की डूबने से जान चली गई थी. इन घटनाओं के बाद जिलाधिकारी ने जिले के वाटर पार्कों की जांच कराने के निर्देश दिए थे.

कई विभागों से NOC लेना है अनिवार्य

प्रशासन के अनुसार, किसी भी वाटर पार्क का संचालन शुरू करने से पहले पुलिस, अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत विभाग और जीएसटी समेत संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना अनिवार्य होता है. इसके अलावा परिसर में सीसीटीवी कैमरे, महिला सुरक्षा गार्ड और प्रशिक्षित गोताखोर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी अनिवार्य हैं. लेकिन जिन पांच वाटर पार्कों पर कार्रवाई हुई, वे इन जरूरी स्वीकृतियों के बिना ही संचालित किए जा रहे थे, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई.

प्रशासन ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन (संशोधन) अधिनियम-2017 के नियम 4क (1) का उल्लंघन है. इसी अधिनियम के नियम 4क (3)(ग) के तहत जिला मजिस्ट्रेट को सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालन पर रोक लगाने का अधिकार है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है.

कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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