लखनऊ कॉल सेंटर कांड: 250 करोड़ की ठगी मामले में समिट बिल्डिंग मालकिन को नोटिस, 2 दिन में मांगे दस्तावेज

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समिट बिल्डिंग में इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़  (AI फोटो)

समिट बिल्डिंग में इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ (AI फोटो)

Lucknow Cyber Crime News: लखनऊ में 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग की मालकिन रुचि अग्रवाल को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. दस्तावेज न देने पर सह-आरोपी बनाने की चेतावनी दी गई है.

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Lucknow Cyber Crime News: लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के जरिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. साइबर क्राइम थाना लखनऊ ने अब बिल्डिंग की मालकिन रुचि अग्रवाल को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. रुचि अग्रवाल, हाइनेस इन्फ्राडेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रोपराइटर हैं और संदीप अग्रवाल की पत्नी हैं. पुलिस ने उन्हें धारा 179 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी किया है. इसमें भवन स्वामित्व से जुड़े कागजात, किराएदार की जानकारी, रेंट एग्रीमेंट, पुलिस वेरिफिकेशन, एनओसी समेत अन्य दस्तावेज जमा करने को कहा गया है.

अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी का खुलासा

विभूतिखंड की समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने हाल ही में खुलासा किया था. जांच में सामने आया कि यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था. पुलिस अब तक इस मामले में 119 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले लोगों को कार्यालय उपलब्ध कराने से पहले भवन स्वामी की ओर से जरूरी जांच-पड़ताल की गई थी या नहीं.

दस्तावेज न देने पर सह-आरोपी बनाने की चेतावनी

पुलिस ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने या किसी तथ्य को छिपाने की स्थिति में भवन मालकिन को मामले में सह-आरोपी बनाया जा सकता है, इसके तहत बीएनएस की धारा 208 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कॉल सेंटर संचालकों को जगह देने में भवन मालिक की कोई भूमिका थी या नहीं और किराए पर परिसर देने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं या नहीं.

अग्रवाल दंपति पर पहले से जांच का शिकंजा

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि रुचि अग्रवाल और संदीप अग्रवाल से जुड़े कुछ पुराने मामलों की भी जांच चल रही है. बताया जा रहा है कि रोहतास के पीयूष रस्तोगी से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई भी जांच कर रही हैं. अब समिट बिल्डिंग कॉल सेंटर प्रकरण में भी जांच एजेंसियां अग्रवाल दंपति की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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