ePaper

दिनेश शर्मा, बीएल वर्मा... किसके सिर सजेगा ताज? यूपी अध्यक्ष पद के लिए पहुंची हाई कमान के पास 6 नामों की लिस्ट

Updated at : 26 Jul 2025 9:31 AM (IST)
विज्ञापन
UP BJP

UP BJP

UP BJP President: वर्तमान में यूपी बीजेपी की बागडोर पश्चिमी यूपी के जाट नेता भूपेंद्र चौधरी के हाथों में है. बीजेपी ने देश भर की 37 में से 25 से अधिक संगठनात्मक इकाइयों के लिए अध्यक्ष की नियुक्ति कर ली है.

विज्ञापन

UP BJP President: उत्तर प्रदेश में बीजेपी राज्य प्रमुख की नियुक्ति के लिए जद्दोजहद चल रही है. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष चुनना एक बड़ा टास्क माना जा रहा है. ऐसे में यूपी बीजेपी इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व के पास 6 नामों की लिस्ट भेजी है, जिनमें 2 ब्राह्मण, 2 ओबीसी और दो दलित समुदाय के नेता शामिल हैं.

लिस्ट में ये नाम शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजे गए लिस्ट में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, ओबीसी चेहरे के तौर पर केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, वर्तमान मंत्री धर्मपाल सिंह और दलित चेहरे के तौर पर वर्तमान एमएलसी विद्यासागर सोनकर और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया का नाम शामिल है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना बाकी

वर्तमान में यूपी बीजेपी की बागडोर पश्चिमी यूपी के जाट नेता भूपेंद्र चौधरी के हाथों में है. बीजेपी ने देश भर की 37 में से 25 से अधिक संगठनात्मक इकाइयों के लिए अध्यक्ष की नियुक्ति कर ली है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है. ऐसे में माना जा रहा है कि यूपी बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव बहुत जल्द होगा, क्योंकि यूपी अध्यक्ष चुने जाने के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने की उम्मीद है.

दिनेश शर्मा पर नेतृत्व का भरोसा

पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को उनकी साफ-सुथरी छवि और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के चलते संघ और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का भरोसा हासिल है. ब्राह्मण समुदाय से आने वाले हरीश द्विवेदी भी एक मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं. वे बस्ती से सांसद हैं और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं.

बीएल वर्मा की आरएसएस में गहरी पकड़

लोधी जाति से आने वाले धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा दोनों का संगठन में खासा असर है. जहां धर्मपाल सिंह के पास लंबा मंत्री और विधायक का अनुभव है, वहीं बीएल वर्मा एक सादा लेकिन अनुशासित कार्यकर्ता माने जाते हैं. वे फिलहाल केंद्रीय राज्य मंत्री हैं और संघ के साथ उनके मजबूत संबंध हैं.

कठेरिया की पहचान दलित नेता के तौर पर

अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कठेरिया अपने प्रखर हिंदुत्ववादी और दलित पहचान पर आधारित तेवरों के लिए जाने जाते हैं. वहीं एमएलसी सोनकर एक प्रतिबद्ध और जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिनका पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छा प्रभाव है.

विज्ञापन
Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola