यूपी में खेती को स्मार्ट बनाने की तैयारी, हर मंडल में खुलेगी ड्रोन एकेडमी; ग्रामीण युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार

Updated:
विज्ञापन

यूपी में खेती को स्मार्ट बनाने की तैयारी

Up News: उत्तर प्रदेश सरकार खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रही है। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर ड्रोन एकेडमी स्थापित की जाएंगी, जहां ग्रामीण युवाओं को ड्रोन निर्माण, संचालन और कृषि में उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह योजना किसानों को किफायती दरों पर ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेगी.

विज्ञापन

Up News: लखनऊ में खेती-किसानी को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सरकार ने एक नई पहल की है. प्रदेश के प्रत्येक मंडल मुख्यालय अथवा मंडल के किसी प्रमुख जिले में ड्रोन एकेडमी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इन केंद्रों पर ग्रामीण युवाओं को ड्रोन के निर्माण, तकनीकी मरम्मत, संचालन और कृषि कार्यों में उसके इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा. कृषि एवं उद्यान विभाग के फार्मों पर इन एकेडमी की स्थापना प्रस्तावित है, जहां पर्याप्त कृषि क्षेत्र उपलब्ध होने के कारण युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा. प्रदेश में कुल 18 ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की योजना है. प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी. इन केंद्रों का संचालन उत्तर प्रदेश कृषि विविधीकरण परियोजना (यूपी डास्प) के माध्यम से किए जाने की योजना है.

युवाओं को प्रशिक्षण रोजगार ,और किसानों को होगी सहूलियत

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ग्रामीण युवा अपने गांव के अलावा आसपास के गांवों, तहसीलों और जिले के अन्य कृषि क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए कीटनाशक और तरल उर्वरकों के छिड़काव की सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे. वे अपना स्वयं का ड्रोन सेवा केंद्र शुरू करने के साथ ही क्षेत्रीय एग्री जंक्शन, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) अथवा अन्य कृषि संस्थाओं से जुड़कर रोजगार हासिल कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि महंगी तकनीक होने के कारण प्रदेश के अधिकांश किसान व्यक्तिगत रूप से ड्रोन खरीदने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं के माध्यम से किसानों को ड्रोन सेवा उपलब्ध कराने से उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ कम लागत में मिल सकेगा. खेतों में कीटनाशक और तरल उर्वरक के छिड़काव में ड्रोन के इस्तेमाल से समय और श्रम की बचत होने के साथ-साथ कृषि कार्यों की दक्षता भी बढ़ेगी. इसके अलावा निर्धारित मात्रा में छिड़काव होने से रसायनों के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिल सकती है.

और अधिक ड्रोन बैंक खोले जायेंगे

कृषि क्षेत्र में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सरकार पहले से ही ड्रोन बैंक की व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है. पिछले दो से तीन वर्षों में प्रदेश में 80 से अधिक ड्रोन बैंक स्थापित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से किसानों को ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. हालांकि, किसानों की बढ़ती जरूरतों के मुकाबले मौजूदा ड्रोन बैंक पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं और प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटरों की कमी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. इसी कमी को दूर करने के लिए मंडल स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है. सरकार का उद्देश्य केवल किसानों तक ड्रोन तकनीक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को तकनीकी कौशल देकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है. इससे एक ओर खेती में आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए ड्रोन संचालन और कृषि सेवाओं के क्षेत्र में स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.

इनपुट: नटवर कुमार

यह भी पढ़े: नई सड़कें धंसीं सपा का भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप


विज्ञापन
शशांक शेखर मिश्रा

लेखक के बारे में

By शशांक शेखर मिश्रा

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola