अभिषेक बनर्जी के पीए की याचिका पर तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार, जानें क्या है मामला

Updated:
विज्ञापन

कलकत्ता हाईकोर्ट.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने उनकी FIR रद्द करने और दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की अर्जी पर कहा कि नंबर आने पर ही सुनवाई होगी. जानें इस फैसले के पीछे की वजह.

विज्ञापन

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता व सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने पश्चिम बंगाल के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज चार प्राथमिकियों (FIRs) को रद्द करने और दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने की अर्जी खारिज कर दी.

विज्ञापन

अदालत में लिस्ट के आधार पर ही होगी सुनवाई

रॉय की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई अदालत में सूचीबद्ध मामलों के लिस्ट (Serial Number) के अनुसार ही होगी. अदालत ने टिप्पणी की कि इसी तरह के कई अन्य मामले भी सूची में पहले से पेंडिंग हैं. इसलिए रॉय की याचिका को प्राथमिकता देकर ऊपर लगाने की कोई गुंजाइश नहीं है.

वकील ने दी 4 अलग-अलग मामलों की जानकारी

सुमित रॉय के वकील त्रिदीप पाइस ने अदालत में तर्क दिया कि जिन 4 प्राथमिकियों को रद्द करने की मांग की जा रही है, वे उन 2 अन्य मामलों से पूरी तरह अलग हैं, जिनमें उनके मुवक्किल को पहले से राहत मिली हुई है. वकील ने 10 अगस्त को मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था, ताकि पुलिस की किसी भी संभावित दंडात्मक कार्रवाई से रॉय को अंतरिम संरक्षण मिल सके.

ये भी पढ़ें: कैश फॉर जॉब स्कैम : अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर FIR, लुकआउट नोटिस जारी, कालीघाट में छापा

जमीन कब्जा मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

इससे पहले बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में सरकारी जमीन कब्जाने से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जारी जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था.

ये भी पढ़ें: कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष?

कैश फॉर जॉब स्कैम में हाईकोर्ट ने दी थी अग्रिम जमानत

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने सालबनी मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके खिलाफ वे शीर्ष अदालत पहुंचे थे. नौकरी के बदले नकद (Cash-for-Job) घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में सुमित रॉय को हाईकोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola