UP Cabinet Decision: योगी कैबिनेट में 14 प्रस्ताव मंजूर, अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद का होगा गठन

UP Cabinet Decision: रामनगरी में आयोजित कैबिनेट बैठक में अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही अयोध्या में स्थित अयोध्या शोध संस्थान को अंतरराष्ट्रीय अयोध्या रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव मंजूर किया गया.
UP Cabinet Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को रामनगरी अयोध्या में आयोजित कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई. सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ पहले हनुमानगढ़ी और फिर राममला के दर्शन पूजन किए. इसके बाद तीर्थनगरी में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार ने अपने धार्मिक-सांस्कृतिक एजेंडे के तहत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर्षण का केंद्र बनी है. हमारा संकल्प है कि अयोध्या को विश्व मानचित्र पर नई पहचान मिले इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आज कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है. यूपी सरकार की पूरी कैबिनेट अयोध्या धाम आई है. केंद्र और राज्य सरकार की 30500 करोड़ रुपए से ज्यादा की 178 योजनाएं पहले से ही अयोध्या में चल रही हैं. बैठक में 14 महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाए गए. पहला प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना का था. हमने राज्य स्तर पर इस प्राधिकरण को बनाने का निर्णय किया है. इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में अयोध्या के माझा जमथरा गांव में 25 एकड़ भूमि पर भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से शुरू होगा और सत्र की अवधि एक सप्ताह होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य में ड्रोन नीति लागू की जाएगी.
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कैबिनेट बैठक में अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के गठन को मंजूरी दी गई.परिषद के गठन के लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल में प्रस्तुत करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया.
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अयोध्या में स्थित अयोध्या शोध संस्थान को अंतरराष्ट्रीय अयोध्या रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव मंजूर किया गया.
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अयोध्या के माझा जमथरा गांव में 25 एकड़ भूमि पर भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी. इसके लिए 25 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित देने का प्रस्ताव मंजूर
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किया गया.
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देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद का प्रस्ताव मंजूर किया गया. परिषद गठन के लिए लिए उत्तर प्रदेश प्रदेश श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया.
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शुक्रताल धार्म तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया. उत्तर प्रदेश शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023 को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया.
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सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे के तहत अयोध्या में प्रतिवर्ष होने वाले मकर संक्रांति और वसंत पंचमी मेले, बुलंदशहर के अनूपशहर में होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले और हाथरस के लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के प्रांतीयकरण को मंजूरी दी गई. इसके बाद इन मेलों की व्यवस्था में होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी. मेले की व्यवस्था नगरीय विकास विभाग के स्तर से की जाएगी.
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प्रदेश में महिला स्वयंसेवी समूहों को उनके ही ब्लॉक मे प्लांट लगाने के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी.
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ड्रोन पॉलिसी को मंजूरी.
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राज्य स्तर पर नियमावली लागू करने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी.
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यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचने के बाद सीधे हनुमानगढ़ी मंदिर गए और संकटमोचन हनुमान के चरणों में शीश झुकाया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने रामलला का दर्शन किया. यहां भी सीएम ने मर्यादा पुरुषोत्तम की पूजा-अर्चना की. सीएम ने प्रदेशवासियों के सुखद-स्वस्थ जीवन के साथ ही दीपोत्सव की सफलता की कामना की. इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, राकेश सचान, अनिल राजभर, बेबीरानी मौर्या, एके शर्मा, धर्मपाल सिंह, चौधरी लक्ष्मी नारायण, जितिन प्रसाद, डॉ. संजय निषाद, आशीष पटेल, जयवीर सिंह, दयाशंकर सिंह, अरुण सक्सेना, योगेंद्र उपाध्याय समेत मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन के उपरांत राम मंदिर निर्माण का भी जायजा लिया. यहां उन्होंने श्रमिकों का हालचाल जाना. इसके बाद वे जन्मभूमि कार्यों की प्रगति से रूबरू हुए. गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. इसके पहले शारदीय नवरात्रि के सप्तमी तिथि पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर का अवलोकन किया था. गुरुवार को निरीक्षण के दौरान मंत्रिमंडल के सहयोगी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता समेत ट्रस्ट के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अयोध्या आस्था का केंद्र है और इसे उसी रूप में माना जाना चाहिए. प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में कैबिनेट मीटिंग भी की. लेकिन, इससे लोगों को क्या मदद मिली और क्या काम हुआ? मेरा मानना है कि जिन निर्णयों पर विचार-विमर्श की जरूरत है, वह लखनऊ में भी किया जा सकता है. उन्हें अयोध्या का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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