केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर बोले- सभी का उत्सव, मथुरा-काशी पर कही ये बात

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि एक बात ध्यान रखिए, मैंने पहले भी कहा है कि हमारे देश में हमारा दुर्भाग्य ये है कि हम अपनी विरासत से पूरी तरह परिचित नहीं हैं. हमारा देश दुनिया का अकेला देश है जहां दो तरह की चीज की गई है. जय और विजय. विजय तब जब आप किसी को हराइए. जय मतलब सभी की जय.
Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को समय से पूरा करने में तेजी से जुटा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या के नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे. इसे लेकर भी तैयारियों के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इस बीच केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये हम सभी का उत्सव है. लोग बहुत खुश हैं. हमें अपने देश की एकता, अखंडता मजबूत करना चाहिए. भारत की संस्कृति हमारी सब की संस्कृति है. साझी संस्कृति है, भगवान राम उसके प्रतीक है. वहीं उन्होंने धार्मिक नगरी काशी और मथुरा के मुद्दे पर कहा कि ये मामले अदालत में हैं. मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि हमारे देश में यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम अपनी विरासत के बारे में पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं. एक-दूसरे से टकराने के बजाय, हमें सभी को एक साथ लाने के तरीके खोजने चाहिए.
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि एक बात ध्यान रखिए, मैंने पहले भी कहा है कि हमारे देश में हमारा दुर्भाग्य ये है कि हम अपनी विरासत से पूरी तरह परिचित नहीं हैं. हमारा देश दुनिया का अकेला देश है जहां दो तरह की चीज की गई है. जय और विजय. विजय तब जब आप किसी को हराइए. जय मतलब सभी की जय. यह पूरी दुनिया का उत्सव है. उन्होंने कहा कि अगर सुख से रहना है कि हमेशा वो रास्ते तलाशे जाएं जिससे टकराव पैदा नहीं हों.
Also Read: राम मंदिर की नई तस्वीरें आईं सामने, जानें कौन हैं प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर शास्त्री
इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रविवार को मंदिर निर्माण की ताजा तस्वीरें जारी की हैं. राममंदिर का भूतल तैयार हो चुका है. राम मंदिर की सीढ़ियां भी बन गई हैं. सीढ़ियों के दोनों तरफ रेलिंग लगा दी गई हैं. कुबेर टीला पर जटायु की मूर्ति स्थापित की जा चुकी है. कुबेर टीला के सुंदरीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है. यहां प्राचीन शिवालय का भी सुंदरीकरण लगभग पूरा हो चुका है. परकोटे में भगवान शिव व गणेश के मंदिर को आकार दिया जा है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक राम मंदिर की आयु एक हजार साल की होगी. इसके निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है. अयोध्या में 3000 से अधिक राम मंदिर हैं. फिर भी निर्मोही अखाड़ा, दिगंबर अखाड़ा और साधु संत राम मंदिर के लिए लड़ाई लड़ते रहे क्योंकि अयोध्या भगवान श्रीराम का जन्म स्थान है और जन्मस्थान की अदला-बदली नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि राम मंदिर राष्ट्र का मंदिर है. राष्ट्र के सम्मान का मंदिर है. 10 करोड़ लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया है. राम मंदिर करोड़ो लोगों के परिश्रम से निर्मित हो रहा है. राम मंदिर की आयु 1000 साल बनाने की कोशिश की गई है.
उन्होंने बताया कि जमीन में ऊपर कंक्रीट नहीं है. जमीन के नीचे लोहे का तार नहीं है. 14 मीटर गहरी आर्टिफिशियल रॉक बनाई गई है. सीमेंट का प्रयोग मात्र 2.5 प्रतिशत तक किया गया है. अब तक 21 लाख क्यूबिक पत्थर लग चुके हैं. हमने किसी विदेशी कंसल्टेंट की मदद नहीं ली है. राम मंदिर स्वतंत्र भारत की अद्भुत इंजीनियरिंग की रचना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




