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अब ‘यश भारती’ सम्मान की समीक्षा करायेंगे योगी आदित्यनाथ

Updated at : 21 Apr 2017 4:39 PM (IST)
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अब ‘यश भारती’ सम्मान की समीक्षा करायेंगे योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यश भारती’ पुरस्कार की गहन समीक्षा के निर्देश दिये हैं.योगी ने कल देर रात संस्कृति विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान कहा, ‘‘यह पुरस्कार किस आधार और मापदंड पर दिये गये, इसकी समीक्षा की जाये. समीक्षा के बाद इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.” उन्होंने कहा, […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यश भारती’ पुरस्कार की गहन समीक्षा के निर्देश दिये हैं.योगी ने कल देर रात संस्कृति विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान कहा, ‘‘यह पुरस्कार किस आधार और मापदंड पर दिये गये, इसकी समीक्षा की जाये. समीक्षा के बाद इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.” उन्होंने कहा, ‘‘पुरस्कारों के वितरण के दौरान उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाये. अपात्रों को अनावश्यक पुरस्कृत करने से पुरस्कार की गरिमा गिरती है.” उल्लेखनीय है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने यश भारती पुरस्कार देने की शुरुआत की थी, जिसे उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जारी रखा. कला, संस्कृति, खेल, फिल्म, समाजसेवा आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को यश भारती से सम्मानित किया गया है. पूर्व की सपा सरकार ने यश भारती से सम्मानित हस्तियों को पेंशन का भी प्रावधान किया था.

प्रस्तुतीकरण के दौरान कुशीनगर जिले में चलायी जा रही मैत्रेय परियोजना का जिक्र आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर पुनर्विचार की आवश्यकता है क्योंकि अनावश्यक भूमि अधिग्रहण के कारण इससे प्रभावित किसान इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस परियोजना की संकल्पना एवं इसको लागू करने का तरीका ठीक न होने के कारण यह अभी तक मूर्त रूप नहीं ले पायी है. किसी भी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की राय अवश्य ली जानी चाहिए. जहां तक संभव हो, जनपदों में मौजूद ऊसर, बंजर जैसी अनुपजाऊ भूमि का उपयोग परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए किया जाना चाहिए.
योगी ने कहा कि इस परियोजना की व्यापक समीक्षा करते हुए इस पर पुनर्विचार किया जाए और इसे रोक दिया जाये, क्योंकि इस परियोजना में शामिल ट्रस्ट ने 14 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी आज तक इसे आगे बढ़ाने की दिशा में कोई कार्य नहीं किया. भातखण्डे संगीत संस्थान पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि इसकी शाखाएं प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशा जाये क्योंकि संगीत में बालिकाओं की रुचि होती है. ऐसे में उन्हें एक अच्छे संगीत संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कॉलेजों को इस संस्थान से संबद्ध करने पर भी विचार करने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री ने विपन्न और वृद्ध कलाकारों को दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि को बढाने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित ऐसी ही योजनाओं से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस योजना को जोड़ने के लिए कहा. उन्होंने ब्रज क्षेत्र में कला केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि लोक परंपरा, लोक संस्कृति, लोकगीत तथा ऐतिहासिक परंपराओं पर केंद्रित लाइट एंड साउंड कार्यक्रमों के आयोजन पर भी काम किया जाये. उन्होंने अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम को सुप्रभातम नाम से आयोजित करने का भी आश्वासन दिया.
योगी ने कहा कि संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे. सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करना होगा ताकि हमारी आने वाली पीढियां अपने गौरवशाली अतीत को देख सकें. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से सांस्कृतिक गतिविधियों को बहुत बढ़ावा दिया जा सकता है. प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए प्रदेश की संस्कृति को हर हाल में संरक्षण प्रदान करते हुए बढ़ावा देगी.
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