लखनऊ : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ‘सहकारिता सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की खूबियां गिनायीं. उन्होंने कहा कि आज गुजरात का विकास दुनिया देख रही है, उसके मूल में सहकारिता आंदोलन ही है. सहकारिता के आंदोलन ने गरीब से गरीब किसान को समृद्ध बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभायी है.
अमित शाह ने कहा कि हमें उत्तर प्रदेश का सर्वांगीण विकास करना है. हर किसान के घर में गाय और भैंस देनी है और उनके दूध से किसान की जीविका और उसके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का प्रबंध करना है. इसके साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र की तर्ज पर यहां कोऑपरेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा जो सपा-बसपा सरकार में चरमरा गया था, आज योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में यहां का प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचा तेजी से मजबूत हो रहा है. सहकारिता समितियों द्वारा किसानों को ज्यादा लाभ दिलाने का काम नरेंद्र मोदी जी की सरकार कर रही है.
शाह ने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सहकारिता के माध्यम से किसानों को मात्र 23 हजार 635 करोड़ रुपये दिए थे. लेकिन मोदी सरकार द्वारा सहकारिता के माध्यम से 73 हजार 51 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी.
यूपीए सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार देश के अर्थतंत्र को 9वें नंबर पर छोड़कर गयी थी. लेकिन हमारी सरकार इन पांच वर्षों में ही देश की अर्थव्यवस्था को छठे नंबर पर लेकर आई है और आज भारत चीन को पीछे छोड़कर विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.
सपा-बसपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि इन दोनों पार्टियों के कारण उत्तर प्रदेश की सहकारिता को दीमक लग गयी थी. मैं आपसे कहना चाहूंगा कि यहां के सहकारिता के संस्कार को जीवित करने का काम भाजपा कार्यकर्ताओं को करना है.