बोले सीएम योगी- साझा बातचीत से ही हल होगा रामजन्म भूमि विवाद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jul 2017 11:50 AM
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सरकार बनने के बाद दूसरी बार अयोध्या पहुंचे. वह यहां राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे परमहंस रामचन्द्र दास की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. योगी ने राम मंदिर मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका बातचीत से ही समाधान संभव है. दोनों पक्षों को मिल […]
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सरकार बनने के बाद दूसरी बार अयोध्या पहुंचे. वह यहां राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे परमहंस रामचन्द्र दास की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. योगी ने राम मंदिर मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका बातचीत से ही समाधान संभव है. दोनों पक्षों को मिल बैठ कर बात करनी चाहिए. श्रद्धांजलि सभा में लोगों की काफी भीड़ थी. योगी ने मंच से भीड़ को संबोधित किया गया. उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे अधिक मुलसमान इंडोनेशिया में रहते हैं. इसके बाद भी वहां राष्ट्रीय त्यौहार रामलीला है. राम लोक आस्था का पर्व है.
राम मंदिर के निर्माण के सवाल पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें आपकी भावनाओं के अनुरूप काम करेंगी. योगी ने कहा कि मैं बार-बार अयोध्या आता रहा हूं और आता रहूंगा. इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. राम और बुद्ध हमारी पहचान हैं. अयोध्या जैसे स्थल ही भारतीय इतिहास के असली केंद्र बिंदु हैं. चक्रवर्ती सम्राटों की परंपरा यहीं से शुरू होती है. इसके साथ ही योगी ने यह भी कहा कि कुछ लोग रामलीला से भयभीत हैं. हमने अयोध्या में बंद रामलीला शुरू की है.
श्रद्धांजलि सभा के बाद योगी दिगंबर अखाड़े में आयोजित भंडारे के कार्यक्रम में शामिल हुए. योगी इससे पहले 31 मई को पहली बार अयोध्या आये. 26 साल में अयोध्या जाकर पूजा अर्चना करनेवाले योगी पहले मुख्यमंत्री हैं. इससे पहले 1991 में कल्याण सिंह ने अयोध्या जाकर पूजा अर्चना की थी.
अलग-अलग पीएम सीएम का रवैया
अयोध्या व राम मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के सुर अलग-अलग दिख रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के बाद से ही अयोध्या आने और मंदिर मुद्दे पर मुंह खोलने से बचते रहे हैं. अपने तीन साल से ज्यादा के कार्यकाल में मोदी एक बार भी अयोध्या नहीं आये हैं. 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री जब फैजाबाद में भाजपा उम्मीदवार लल्लू सिंह के समर्थन में रैली को करने आये, तब भी उन्होंने अयोध्या मसले पर मुंह नहीं खोला था. विधानसभा चुनाव में तो वे अयोध्यावासियों से वोट मांगने ही नहीं आये. जबकि पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर सभाएं करते रहे.
शहीदों के नाम पर होंगी संस्था
अयोध्या जाने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की विभिन्न संस्थाओं के नाम देश के शहीदों के नाम पर रखने का एलान करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ साथ राष्ट्र भावना से जुड़ी विभिन्न पहलुओं की प्रेरक जानकारियां भी उपलब्ध करायी जानी चाहिए. कारगिल विजय दिवस पर कार्यक्रम में उन्होंने यूपी के सैनिक स्कूल का नाम परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडेय के नाम पर करने की घोषणा की. कहा कि माता की रक्षा में शहीद होनेवाले सैनिकों के परिवारीजनों को राज्य सरकार हर संभव मदद उपलब्ध करायेगी. राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में शहीद सैनिकों की प्रतिमाओं पर पुष्प चढा कर श्रद्धांजलि अर्पित की. योगी ने काकोरी कांड व कारगिल युद्ध के शहीदों के परिवारीजनों को सम्मानित भी किया गया.
क्या कहते हैं विरोधी दल
सपा की फैजाबाद इकाई के अध्यक्ष व पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय योगी के बयान ‘बड़ा गहरा’ अंतर्विरोध दिखता है, तो भाकपा नेता सूर्यकांत पांडेय को संघ व भाजपा दोनों की साजिश और साथ ही रणनीति भी. पांडेय कहते हैं कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि प्रधानमंत्री ने खुद मौन रहकर अपनी पार्टी के दूसरी पंक्ति के नेताओं को अयोध्या मसले को गरमाने की खुली छूट दे रखी है, जो मसले को बातचीत से हल करने की बात करते हैं, तो भी लगता है कि धमकी दे रहे हैं.
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