गांव की बेटियां बदलेंगी देश की तस्वीर: केशव प्रसाद मौर्य ने महिला सशक्तिकरण को बताया विकास की असली ताकत

Updated:
विज्ञापन
गांव की बेटियां बदलेंगी देश की तस्वीर: केशव प्रसाद मौर्य ने महिला सशक्तिकरण को बताया विकास की असली ताकत

Keshav Prasad Maurya News: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार अभूतपूर्व कार्य कर रही है. स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं. गांव-गांव में महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में प्रेरक भूमिका निभा रही हैं.

विज्ञापन

Keshav Prasad Maurya News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बीते कुछ वर्षों में जो काम किए हैं, वे इतिहास में मिसाल बनेंगे. उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दे रही हैं. मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान देने का आधार बनी हैं.

स्वयं सहायता समूह बन रहे हैं शक्ति केंद्र

केशव मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की धुरी बन चुके हैं. इन समूहों की महिलाएं आज न सिर्फ कढ़ाई-बुनाई या अचार-पापड़ बनाने तक सीमित हैं, बल्कि वे माइक्रो एंटरप्रेन्योर के रूप में उभर रही हैं. सरकार इनके लिए ट्रेनिंग, फंडिंग और बाजार उपलब्ध कराने का काम कर रही है. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब रोज़गार की निर्माता बन रही हैं, उपभोक्ता नहीं.

मोदी-योगी के नेतृत्व में आई सशक्तिकरण की क्रांति

डिप्टी सीएम ने इस बात पर खास जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाएं आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं सिर्फ लाभार्थी थीं, आज वे योजनाओं की निर्माता और नीति निर्धारक बन रही हैं. पंचायत से लेकर स्टार्टअप तक में उनकी भूमिका बड़ी है. सशक्तिकरण अब नारा नहीं, व्यवस्था का हिस्सा है.

ग्रामीण विकास में निभा रहीं अहम भूमिका

स्वास्थ्य शिविरों में सहभागिता हो, स्कूलों में स्वच्छता अभियान, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की आपूर्ति या पोषण मिशन के तहत बच्चों की देखभाल हर क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता बढ़ी है. स्वयं सहायता समूहों ने गांवों में सामुदायिक नेतृत्व की परिभाषा बदल दी है. वे अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की भाग्यविधाता बन रही हैं.

समाज की जरूरतों के अनुसार उत्पाद, बिक्री भी सुनिश्चित

डिप्टी सीएम ने बताया कि महिलाएं अब स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ऐसे उत्पाद तैयार कर रही हैं जिनकी डिमांड बाजार में बनी रहती है. इसके लिए उन्हें डिज़ाइनिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग से लेकर डिजिटल मार्केटिंग तक की ट्रेनिंग दी जा रही है. सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी उन्हें जोड़ने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जब उत्पादन लोगों की जरूरत से जुड़ा होता है, तो उसकी बिक्री भी स्वाभाविक रूप से बढ़ती है.

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अमूल्य

केशव मौर्य ने कहा कि आज स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ अपना परिवार नहीं चला रहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल बन चुकी हैं. वे युवतियों को शिक्षित करने, घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाने, नशामुक्ति अभियान चलाने जैसे कार्यों में भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. वे प्रेरणा हैं, परिवर्तन हैं और आने वाले भविष्य की नींव भी.

“महिला शक्ति को केवल सम्मान नहीं, अवसर देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है” – केशव प्रसाद मौर्य

विज्ञापन
Abhishek Singh

लेखक के बारे में

By Abhishek Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola