CM Yogi News : संस्कृति समाप्त हुई तो राष्ट्र की पहचान भी मिट जाएगी, बोले सीएम योगी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Dec 2025 10:33 AM
सीएम योगी
CM Yogi News : महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह-2025 का भव्य शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर स्वदेश, स्वधर्म और राष्ट्रीय स्वाभिमान पर जोर दिया.
CM Yogi News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली पहचान उसकी संस्कृति, परंपराएं और उसके महापुरुष होते हैं। यदि राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता और पहचान दोनों खो देता है। उन्होंने कहा कि जब भी देश किसी संकट से गुजरता है, तब महापुरुषों का शौर्य, पराक्रम और बलिदान नई ऊर्जा देता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा बनता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (सेवानिवृत्त) ने औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
महापुरुषों का जीवन राष्ट्र के लिए ऊर्जा स्रोत
सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और भारत की सीमाओं की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को स्मरण करते हुए कहा कि ये सभी राष्ट्र के लिए प्रेरणा पुंज हैं. उन्होंने कहा कि पर्व और परंपराएं हमारे मतभेदों को मिटाकर ‘एक भारत- श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करती हैं.
1932 में महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने की थी स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ महाराज द्वारा वर्ष 1932 में स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल एक शैक्षिक संस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है. उन्होंने परिषद के अध्यक्ष रहे स्मृतिशेष प्रो. यूपी सिंह सहित अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.
शताब्दी की ओर बढ़ रही परिषद, आत्ममंथन का समय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिषद अगले छह वर्षों में अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगी. ऐसे में यह समय आत्ममंथन का है कि बीते 100 वर्षों में समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी भूमिका कैसी रही और आने वाली चुनौतियों के लिए हम स्वयं को कैसे तैयार कर रहे हैं. संस्थापकों ने महाराणा प्रताप के आदर्श को छात्रों के सामने रखा, जो आज भी प्रासंगिक है.
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक पर भी जोर
सीएम योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, तकनीकी शिक्षा और महिला शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है. महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं तकनीकी संस्थानों के जरिए युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है.
संस्थापक समारोह आत्मावलोकन का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थापक समारोह का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्यों और तैयारियों का आत्मावलोकन करना है। यह तय करने का अवसर है कि भावी भारत के निर्माण में हमारी भूमिका क्या होगी और हम आने वाली पीढ़ियों को क्या दिशा देंगे.
शिक्षण संस्थानों को बनना होगा मॉडल स्टडी
मुख्यमंत्री योगी ने महंत दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज की शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज की ‘मिशन मंझरिया’ परियोजना की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता अभियान जैसे कार्यों के जरिए मॉडल स्टडी बनना होगा, ताकि समाज में समानता और शिक्षा का विस्तार हो सके.
निरक्षरता सामाजिक असमानता का बड़ा कारण
सीएम योगी ने कहा कि अयोग्यता या निरक्षरता किसी व्यक्ति की कमी नहीं, बल्कि यह शैक्षिक समाज के लिए एक चेतावनी है. उन्होंने परिषद से जुड़े संस्थानों द्वारा समाज सेवा, वंचित वर्गों की शिक्षा और जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की.
ये रहे कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद
कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजीनियर सरवन निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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