झांसी में दलित युवक की बेल्टों से पिटाई, लोटे में पेशाब पिलाने का आरोप, वीडियो वायरल

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पीड़ित युवक

UP Crime: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई और उसे लोटे में पेशाब पिलाने का आरोप है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश है।

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UP Crime: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है. यहां एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गयी और उसे लोटे में पेशाब पिलाने का आरोप है. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आयी है. वीडियो में कुछ लोग युवक के साथ मारपीट करते और अपमानजनक व्यवहार करते नजर आ रहे हैं. पीड़ित युवक का आरोप है कि दबंगों के एक समूह ने उसे घेर लिया और बेल्टों से बेरहमी से पीटा. आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक को जातिसूचक और अपमानजनक शब्द भी कहे गये. इसके बाद आरोपितों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए लोटे में पेशाब पिलाया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया.

विकास और आदित्य ठाकुर बाप हैं...

वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ युवक ‘विकास और आदित्य ठाकुर बाप हैं... हाथ उठाना पाप है’ जैसे नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.


पीड़ित ने ‘बाबा 302’ गैंग पर लगाया आरोप

पीड़ित का दावा है कि एक दर्जन से अधिक दबंग किस्म के लोग मिलकर ‘बाबा 302’ नाम से एक गैंग चलाते हैं. उसके मुताबिक इस समूह का उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना और मारपीट करना है. पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसी कथित गैंग से जुड़े लोगों ने उसके साथ यह घटना की.

वीडियो वायरल होने के बाद उठे कानून-व्यवस्था पर सवाल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो आरोपितों के भीतर कानून का भय क्यों नहीं था. पीड़ित के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट और अमानवीय व्यवहार की घटना ने दलितों की सुरक्षा और दबंगों पर पुलिस के नियंत्रण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किये हैं. लोगों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर कायम करना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

पुलिस जांच से सामने आयेगा पूरा सच

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच अहम है. वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, घटना की वास्तविक परिस्थितियां और पीड़ित द्वारा लगाए गये आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. यदि आरोप सही पाये जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किये जाने की जरूरत है.

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तिलक कुमार

लेखक के बारे में

By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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