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75 साल पुरानी परंपरा टूटी, सैयद शकील बाबा उर्स पर रोक, प्रशासन से नहीं मिली मंजूरी

Updated at : 12 Jun 2025 3:30 PM (IST)
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Barabanki News

Barabanki News: प्रशासनिक रोक के बावजूद, पुलिस की निगरानी में जायरीनों ने सादगी के साथ चादरपोशी और गागर की रस्म अदा की. SDM विवेकशील ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उर्स की अनुमति नहीं दी.

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Barabanki News: बाराबंकी जिले के सूरजगंज क्षेत्र स्थित फूलपुर गांव की सैयद शकील बाबा मजार पर हर साल आयोजित होने वाला चार दिवसीय उर्स इस बार नहीं हो सकेगा. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उर्स और मेले की अनुमति देने से इनकार कर दिया है.

75 वर्षों की परंपरा टूटी

स्थानीय मजार पर हर साल 10 जून से 4 दिन तक उर्स का आयोजन होता आया है. लेकिन इस बार यह आयोजन प्रशासन की मंजूरी न मिलने के चलते स्थगित कर दिया गया. बताया गया कि पिछले साल उर्स के दौरान दो पक्षों में विवाद और मारपीट की घटना हुई थी, जिससे प्रशासन इस साल सतर्क था.

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सादगी से अदा की गई रस्में

हालांकि, प्रशासनिक रोक के बावजूद, पुलिस की निगरानी में जायरीनों ने सादगी के साथ चादरपोशी और गागर की रस्म अदा की. SDM विवेकशील ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उर्स की अनुमति नहीं दी. मेला की मंजूरी न मिलने पर मेला कमेटी के सदस्य वसीम ने प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना के मेला रद्द कर दिया गया, जबकि झूले और अन्य व्यवस्थाएं पहले ही लग चुकी थीं.

प्रदेश के कई उर्स स्थगित

सिर्फ बाराबंकी ही नहीं, उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस वर्ष उर्स स्थगित किए गए हैं. संभल और बहराइच में भी प्रशासन ने उर्स पर रोक लगाई है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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