अब तक ग्रीन जोन की ओर बलिया
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Apr 2020 12:44 AM
बलिया : दुआ कीजिये आज का दिन भी ठीक से गुजर जाये. सरकार ने 14 अप्रैल तक के हेल्थ रिकॉर्ड के आधार पर जिलों की ग्रेडिंग तय करने का संकेत दिया है. जिस जिले में कोई पॉजिटिव केस नहीं होगा, उसे ग्रीन जोन में रखते हुए लॉकडाउन अवधि में रियायत दी जायेगी. बलिया का ट्रैक […]
बलिया : दुआ कीजिये आज का दिन भी ठीक से गुजर जाये. सरकार ने 14 अप्रैल तक के हेल्थ रिकॉर्ड के आधार पर जिलों की ग्रेडिंग तय करने का संकेत दिया है. जिस जिले में कोई पॉजिटिव केस नहीं होगा, उसे ग्रीन जोन में रखते हुए लॉकडाउन अवधि में रियायत दी जायेगी. बलिया का ट्रैक रिकॉर्ड अब तक अच्छा है. कुल 136 कोरोना संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है, जिसमें 71 की रिपोर्ट आ चुकी है. 65 की रिपोर्ट पेंडिंग में है. अब तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिलने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे को भी राहत है. अब सबकी नजर 13 और 14 अप्रैल की जांच रिपोर्ट पर है. पिछले तीन-चार दिनों में मिले रिकॉर्ड पर आम लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गयी है.
हालांकि पड़ोसी जनपद गाजीपुर के साथ ही बिहार के सीवान में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद बलियावासियों की मुश्किलें भी बढ़ गयी है. इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. सभी सीमाओं को सील करके सख्ती बढ़ा दी गयी है. साथ ही किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गयी है. चार दिनों में लिये गये सैंपल9 अप्रैल- 2510 अप्रैल- 2511 अप्रैल- 4012 अप्रैल- 25 250 गांवों की स्क्रीनिंग कर रही 44 टीमेंजिले के 250 गांवों पर प्रशासन की खास नजर है. संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में बने एक्टिव सर्विलांस सेल ने जिले में महानगरों या विदेश से आने वाले लोगों की सूची के आधार पर इन गांवों का चयन किया है.
इन गांवों में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है. चिह्नित गांवों में सभी परिवारों के सदस्यों की स्क्रीनिंग की जा रही है. इसके लिए 44 टीमें बनायी गयी है. टीम के सदस्य गांवों में जाकर यह भी देखेंगे कि क्वारेंटाइन किये गये लोग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. इसके अलावा यह भी देखना है कि अन्य किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण तो नहीं. कोई लक्षण मिलने पर सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है. प्रशासन ने यह टीम आरबीएसके, आयुर्वेद व होमियोपैथ विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलाकर बनायी गयी है. क्वारंटाइन पूरा करने के बाद भी निगरानी 25 मार्च को लॉकडाउन घोषित होने के बाद बाहर से बड़ी संख्या में मजदूर घर वापस लौटे.
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने सभी गांवों में प्राथमिक विद्यालयों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाने का निर्देश दिया, जहां बाहर से आने वाले लोगों को रखा जा रहा है. वहीं पर उनके लिए खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया है. दो दिनों में सैकड़ों लोग क्वारेंटाइन पूरा करके अपने घर लौटे हैं. हालांकि क्वारेंटाइन सेंटरों पर मेडिकल टीम ने सभी को चेकअप के बाद ही छुट्टी है. फिर भी सभी को यह भी हिदायत दी गयी है कि आगे भी कुछ दिनों तक एहतियास बरतें. सूबे के 47 जिलों में नहीं मिला है पॉजिटिव केसबलिया सहित यूपी के 47 जिलों में अब तक कोरोना का कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला है. वहीं पड़ोसी जनपद गाजीपुर के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित 28 जिलों में कोरोना के संक्रमित मरीज मिले हैं.
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