योगी सरकार की चुनावी सौगात! 26,000 करोड़ रुपये के बंपर भुगतान के साथ गन्ना किसानों का 75 प्रतिशत बकाया चुकाया

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) से पहले योगी सरकार ने गन्ना किसानों को 26 हजार करोड़ रुपये का बंपर भुगतान किया है. सरकार ने गन्ना किसानों का 75 प्रतिशत बकाया चुका दिया है.
Uttar Pradesh govt clears 75 percent sugarcane dues : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने 1 अक्टूबर, 2020 से 5 अगस्त, 2021 के बीच गन्ने का 75 प्रतिशत बकाया किसानों को चुका दिया है. एक रिपोर्ट के अऩुसार, 2020-21 के पेराई सत्र में सरकार ने गन्ना किसानों को लगभग 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया. गन्ना किसानों को इस सीजन के लिए भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 7,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा.
बता दें, हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के कारण चीनी की खपत कम हुई है, बावजूद इसके योगी सरकार ने इस सीजन में बकाया राशि का भुगतान करने के लिए एक साथ इतनी बड़ी रकम वितरित की है.
अपर मुख्य सचिव (गन्ना विकास) संजय भूसरेड्डी (Sanjay Bhoosreddy) का कहना है कि विभाग ने समय पर गन्ना किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं. इसमें चीनी के अलावा अन्य गन्ना उत्पादों जैसे खोई, प्रेस मिट्टी और गुड़ की टैगिंग शामिल है. इन बुनियादी उत्पादों के अलावा, गुड़ या गन्ने के रस से उत्पादित एथेनॉल का उपयोग करके उत्पादित सैनिटाइजर को भी गन्ने के भुगतान के लिए टैग किया गया था. एथेनॉल का उत्पादन और बिक्री बढ़ने से गन्ने की कीमत भी बढ़ गई है.
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साल 2017 में जब भाजपा सरकार सत्ता में आई तो जिला गन्ना अधिकारी वरिष्ठ गन्ना विकास अधिकारी की देखरेख में एक एस्क्रो खाता बनाया गया. यह खाता नामित अधिकारियों और मिल प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है. नियमानुसार, इस खाते में प्राप्त होने वाली राशि का 85 प्रतिशत किसानों को भुगतान के लिए निर्धारित किया जाता है. इस तरह के विनियमों के परिणामस्वरूप गन्ने के भुगतान के लिए दी जाने वाली धनराशि के डायवर्जन पर रोक लगा दी गई है.
संजय भूसरेड्डी ने बताया कि पिछले चार सालों में करीब 45 लाख किसानों को किए गए 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अब तक के कुल भुगतान में सबसे अधिक है. राज्य सरकार ने किसानों के आर्थिक हित और सर्वांगीण विकास में तेजी से काम किया है.
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बता दें, यूपी में कुल 120 चीनी मिलें हैं. इनमें से 93 निजी स्वामित्व वाली हैं. 23 मिलें सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं, जबकि शेष तीन का संचालन उत्तर प्रदेश शुगर कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाता है. रिकॉर्ड के मुताबिक, 39 मिलों ने चालू सीजन के भुगतान का 100 भुगतान किसानों को कर दिया है, जबकि 26 मिलों ने 80 प्रतिशत भुगतान पूरा कर लिया है.
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