राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले रामचरित मानस की बढ़ी डिमांड, गीता प्रेस का टूटा 50 साल का रिकॉर्ड

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Jan 2024 9:42 PM

विज्ञापन

Ramlala Pran Pratishtha: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले पूरे देश में गीता प्रेस का भी 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. देश में श्रीरामचरितमानस किताब की मांग इतनी बढ़ गई है कि गीता प्रेस के पास स्टॉक खत्म हो गया है.

विज्ञापन

Ramlala Pran Pratishtha: अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूरे देश में उल्लास है. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के भी भव्य आयोजन की जोर शोर से तैयारी चल रही है. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले पूरे देश में गीता प्रेस का भी 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. दरअसल श्री रामचरितमानस, हनुमान चालीसा और श्रीमद् भागवत गीता की मांग देश में काफी बढ़ गई है. हालात यह है कि बढ़ी मांग को गीता प्रेस पूरा नहीं कर पा रहा है. श्री रामचरितमानस का स्टॉक भी खत्म हो गया है.

स्टॉक पूरा नहीं कर पा रहा गीता प्रेस
देश में श्रीरामचरितमानस किताब की मांग इतनी बढ़ गई है कि गीता प्रेस के पास स्टॉक खत्म हो गया है. इसी कड़ी में मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात सरकार ने श्रीमद्भगवद्गीता की 50 लाख प्रतियां की डिमांड की है.इसी के साथ ऐसा 50 साल में पहली बार हुआ है जब यूपी के गोरखपुर में गीता प्रेस को अपने स्टॉक में रामचरितमानस की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

कई राज्यों से आ रही है डिमांड- गीता प्रेस
बता दें, गीताप्रेस हाल के दिनों में बढ़ी रामचरित मानस समेत अन्य धार्मिक पुस्तकों की बढ़ी हुई मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है. गीता प्रेस के एक ट्रस्टी ने बताया कि देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में पुस्तकों की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस का पूरा स्टॉक ही खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि अधिक से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन किया जाए.

1923 में किराए के भवन हुई थी गीता प्रेस की स्थापना
गौरतलब है कि गीता प्रेस की स्थापना 1923 में किराए के भवन में सेठ जयदयाल गोयंदका ने की थी. इसके बाद हनुमान प्रसाद पोद्दार के गीता प्रेस से जुड़ने और कल्याण पत्रिका का प्रकाशन शुरू होने के साथ ही इसकी ख्याति काफी बढ़ गई. गीता प्रेस अपने स्थापना के बाद से 92 करोड़ से ज्यादा पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है. बीते साल 7 जुलाई को ही गीता प्रेस ने अपना 100 साल पूरा कर लिया है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गीता प्रेस आए थे. बता दें,  1955 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद भी यहां आ चुके हैं.

Also Read: Ram Mandir Ayodhya:नियति ने तय किया… प्राण प्रतिष्ठा से पहले लाल कृष्ण आडवाणी का बड़ा बयान

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola