स्वामी कैलाशानंद मामले में साजिशकर्ता की रिमांड मांगेगी पुलिस, बागपत-हरिद्वार ले जाकर होगी पूछताछ

डीसीपी यमुनानगर सौरभ दीक्षित के मुताबिक, पूरे मामले पर पुलिस कमिश्नर प्रयागराज व अन्य अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं. पुलिस के उच्च अधिकारी स्वामी कैलाशानंद से भी लगातार संपर्क में है.
Prayagraj: निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद समेत कई संतों की हत्या की साजिश के मामले में प्रयागराज पुलिस आरोपी युवक की एक हफ्ते की रिमांड मांगेगी. पुलिस युवक को लेकर बागपत और हरिद्वार भी लेकर जाएगी, जिससे मामले को लेकर उसे सबूत मिल सकें. कोर्ट ने आरोपी युवक को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है.
आरोपी युवक का असली नाम योगेंद्र शर्मा है और वह बागपत का रहने वाला है. वहीं उसके पास दो आधार कार्ड मिले. इनमें से एक योगेंद्र शर्मा और दूसरा विक्रम सिंह के नाम से है. दोनों में ही फोटो इसी युवक की है. इस तरह आरोपी युवक ने अपने आधार कार्ड में बदलाव करवाया है. आधार कार्ड में बदलाव के लिए सत्यापन करने वाले अधिकारी से भी पुलिस पूछताछ करेगी. लोकेशन के आधार पर इस बात की जानकारी मिली है कि 29 नवंबर को युवक कैलाशानंद के हरिद्वार आश्रम गया था. यहां पर युवक तीन दिन रुका हुआ था.
डीसीपी यमुनानगर सौरभ दीक्षित के मुताबिक, पूरे मामले पर पुलिस कमिश्नर प्रयागराज व अन्य अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं. पुलिस के उच्च अधिकारी स्वामी कैलाशानंद से भी लगातार संपर्क में है. पुलिस मामले में जो कार्रवाई कर रही है, उससे स्वामी कैलाशानंद को लगातार अवगत भी कराया जा रहा है.
पुलिस ने हत्या की साजिश रचने, ठगी और फर्जीवाड़े की धाराओं में केस दर्ज किया है. आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है. साध्वी त्रिकाल भवंता की तहरीर पर नैनी थाने में दर्ज एफआईआर की गई है. पूछताछ के बाद आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
जानकारी में सामने आया है कि शनिवार को आरोपी युवक परी अखाड़ा प्रमुख त्रिकाल भवंता के आश्रम पहुंचा था. बातचीत के दौरान उसने आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद के एक जनवरी को हरिद्वार में कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी, जिसमें उसने कहा था कि सभी अखाड़ों के प्रमुख शामिल होंगे. उसने दावा किया था कि उस कार्यक्रम के प्रसाद में जहर मिलाने की उसने साजिश रची है. साथ ही दावा किया था कि हरिद्वार स्थित कैलाशानंद के आश्रम में भी घूम कर आया है.
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आरोपी युवक ने कहा था कि महामंडलेश्वर ने उसकी नौकरी लगाने के लिए 20 लाख रुपये लिए हैं जिसके चलते वह उनसे बदला लेना चाहता है. इसके लिए वह परी अखाड़ा प्रमुख त्रिकाल भवंता की मदद लेना चाहता था. पूछताछ में पता चला कि उसने परी अखाड़ा में पहुंचकर भी अपना गलत नाम पता दर्ज कराया था. आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर परी अखाड़ा प्रमुख त्रिकाल भवंता की ओर से दर्ज कराई गई है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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