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पराली जलाने को लेकर यूपी में दर्जनों किसानों पर केस दर्ज, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कही बड़ी बात...

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पराली जलानेवाले किसान को गिरफ्तार करती उत्तर प्रदेश पुलिस
पराली जलानेवाले किसान को गिरफ्तार करती उत्तर प्रदेश पुलिस
सोशल मीडिया

फतेहपुर/लखनऊ : फतेहपुर जिले में कथित रूप से पराली (पुआल) जलाने के आरोप में दो दिनों के भीतर दर्जनों किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनके खिलाफ पुलिस निरोधात्मक कार्रवाई की है. पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि ''फतेहपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में फसल की अवशेष या धान की पराली (पुआल) जलाने के आरोप में पिछले दो दिनों के भीतर दर्जनों किसानों के खिलाफ अभियोग (मुकदमा) दर्ज किये गये हैं और राजस्व अधिकारियों ने उनसे जुर्माना वसूला है.''

उधर, उत्तर प्रदेश में पराली जलानेवाले किसानों के खिलाफ हो रही कार्रवाई की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को निंदा की. हालांकि, शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के अधिकारियों को आगाह कर चुके हैं कि यह सुनिश्चित किया जाये कि पराली जलाने को लेकर किसानों के साथ कोई दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न ना हो.

पराली जलाने के मामले में किसानों पर दर्ज मुकदमों के बारे हुसेनगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह भदौरिया ने शनिवार को बताया, "बृहस्पतिवार को थाना क्षेत्र के भैरमपुर कठेरवां गांव के किसान क्षत्रपाल, इंद्रपाल और बृजेश लोधी के अलावा बसोहनी गांव के अचल सिंह, अशोक पटेल, मवई गांव के रहनेवाले किसान मेवालाल, संग्रामपुर के सियाराम, ऊंचाबेरा के शिवराम मौर्य व रुस्तम सिंह और बेरागढ़ीवा गांव में कुल आठ किसानो के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की गयी.''

उन्होने कहा कि ''जुर्माना वसूलने की कार्रवाई उपजिलाधिकारी के स्तर से हुई है, सभी किसानों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गयी है.'' इसी प्रकार मलवां थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) शेर सिंह राजपूत ने बताया कि ''पराली जलाने पर कोराई गांव के पंकज सिंह, जगदीश, हरिबक्श सिंह, धीरेंद्र, अनिल, अभिलाष सिंह, तेज बहादुर (निवासी दीवान का पुरवा मजरा अस्ता) के अलावा सहिली चौकी क्षेत्र के रावतपुर गांव निवासी अनिल पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर निरोधात्मक कार्रवाई की गयी है.''

उन्होंने बताया कि ''उपजिलाधिकारी के जमानत ना दिये जाने पर आठ किसानों को जेल भेज दिया गया है. इन किसानों से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है.'' सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया, ''मदारीपुर कला गांव के राम सेवक, मऊ गांव के राज बहादुर तथा मिट्ठनपुर गांव के किसान बाबूलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गयी है और इन किसानों से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है.''

थरियांव थाने के प्रभारी निरीक्षक उपेंद्रनाथ राय ने बताया, ''शुक्रवार देर रात तक कई गांवों के 14 किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मुकदमे दर्ज किये गये हैं, इनमें शंकरपुर-हसवा की सावित्री देवी, पृथ्वीपाल, अस्वाबख्शपुर गांव के गुलाब सिंह, मनोज सिंह, कपूर सिंह और गिरिजा शंकर, वीर बुद्दनपुर गांव के कालीचरण, धर्म सिंह व शिव सिंह, आकूपुर गांव की रामरानी, रामआसरे, संतोष, नंदकिशोर, रामकिशोर शामिल हैं.''

इससे करीब एक पखवारा पहले खखरेरू थाने में छह और खागा कोतवाली क्षेत्र में चार किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर जुर्माना वसूला गया है. पुलिस विभाग के आंकड़ों से राजस्व विभाग के आंकड़े अलग हैं. जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार सिंह कहते हैं, ''अब तक जिले में कुल 28 किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर कार्रवाई की गयी है और उनसे जुर्माना वसूला गया है.'' एक अन्य पुलिस अधिकारी ने नाम ना उजागर करने की शर्त पर कहा, ''एक पखवाड़े के भीतर 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मुकदमे लेखपालों की तहरीर पर दर्ज की गयी है और उनसे जुर्माना वसूला जा चुका है.''

उन्होंने कहा, ''कृषि विभाग शासन को पूरे आंकड़े नहीं भेज रहा है, इससे तस्वीर साफ नहीं हो पा रही.'' बुंदेलखंड़ किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने इसे किसानों का दमन करार देते हुए कहा, ''फतेहपुर जिले में ईंट-भट्ठे की कई चिमनियां दिन-रात धुंआ उगल रही हैं, उनके मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि लेखपालों की तहरीर पर किसानों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्जकर उन्हें जेल भेजा जा रहा है.'' शर्मा ने कहा, ''किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ना लिये गये, तो उनका संगठन प्रदेश स्तर पर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा.''

बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया, ''यूपी में फैले प्रदूषण को लेकर खासकर यहां पराली जलाने की आड़ में किसानों के साथ हो रही जुल्म-ज्यादती अति निंदनीय, जबकि इस मामले में सरकार को कोई भी कार्यवाही करने से पहले, उन्हें जागरूक और जरूरी सहायता देने की भी जरूरत. बीएसपी की यह मांग.''

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा था कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के दुष्प्रभाव से किसानों को निरंतर जागरूक किया जाये. उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि वह इस संबंध में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे. एक सरकारी बयान के मुताबिक उन्होंने कहा था कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि पराली जलाने के खिलाफ कार्रवाई के दौरान किसानों के साथ कोई दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न नहीं हो.

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