eSanjeevani: ई-संजीवनी एप जुड़ेगा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के साथ, हेल्थ रिकॉर्ड रखना होगा आसान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Jun 2022 6:49 PM
ABDM का लक्ष्य भारत में मौजूद डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और हितधारकों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए डिजिटल हाईवेज का निर्माण करना है. एबीडीएम के साथ ई-संजीवनी जोड़ने से यूपी के दो करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट धारक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सीधे अपनी पसंद के हेल्थ लॉकर में स्टोर कर सकते हैं.
Lucknow: स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति एक नया आयाम स्थापित कर रही है. कोरोना संक्रमण काल ने डिजिटल क्रांति को और अधिक बढ़ाया है. ई-संजीवनी एप के जरिए लोग ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श कर रहे हैं, वही अब इसे आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) से भी जोड़ा जा रहा है. इससे उत्तर प्रदेश के लगभग दो करोड़ लोगों को फायदा होगा.
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के निदेशक डॉ. मन्नान अख्तर के अनुसार ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म अब 40 डिजिटल हेल्थ एप्लीकेशन में शामिल हो गया है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़े हुए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के साथ ई-संजीवनी के एकीकरण की घोषणा की है.
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यह एकीकरण स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की टेलीमेडिसिन सेवा ई-संजीवनी के मौजूदा उपयोगकर्ताओं को आसानी से अपना आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट ( ABHA) बनाने, डॉक्टरी सलाह, लैब रिपोर्ट जैसे अपने मौजूदा स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़ने और प्रबंधित करने की सुविधा देगा. उपयोगकर्ता ई-संजीवनी पर डॉक्टरों के साथ अपने हेल्थ रिकॉर्ड को साझा करने में भी सक्षम होंगे. जो बेहतर नैदानिक निर्णय लेने और देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद करेगा.
उन्होंने बताया कि अब ई-संजीवनी के उपयोगकर्ता अपना 14 अंक का यूनिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बना सकते हैं और अपने मौजूदा स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़ने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. यह ई-संजीवनी के मौजूदा उपयोगकर्ताओं को आसानी से अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता बनाने और अपने मौजूदा स्वास्थ्य रिकॉर्ड को लिंक और प्रबंधित करने की अनुमति देगा.
डॉ. मन्नान अख्तर ने बताया कि एबीडीएम का लक्ष्य भारत में मौजूदा डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और हितधारकों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए डिजिटल हाईवेज का निर्माण करना है. एबीडीएम के साथ ई-संजीवनी का एकीकरण एक ऐसा उदाहरण है, जिसमें यूपी के दो करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट धारक ई-संजीवनी के माध्यम से बनाए गए अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सीधे अपनी पसंद के हेल्थ लॉकर में लिंक और स्टोर कर सकते हैं. उपयोगकर्ता अपने पहले से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड को ई-संजीवनी पर डॉक्टरों के साथ साझा कर सकते हैं, जिससे पूरी परामर्श प्रक्रिया कागज रहित हो जाएगी.
ई-संजीवनी सर्विस दो वेरिएंट में उपलब्ध है। पहला ई-संजीवनी आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (AB-HWC)- डॉक्टर-टू-डॉक्टर टेलीमेडिसिन सेवा है. जिसके माध्यम से एचडब्ल्यूसी में जाने वाले लाभार्थी डॉक्टरों, विशेषज्ञों, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से जुड़ सकते हैं. यह सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और पृथक समुदायों में सामान्य और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम बनाता है.
दूसरा वेरिएंट, ई-संजीवनी ओपीडी देश भर में मरीजों की सेवा कर रहा है. उन्हें सीधे डॉक्टरों से उनके घरों तक आराम से जोड़ रहा है. दोनों वेरिएंट- ई-संजीवनी एबी-एचडब्ल्यूसी और ई-संजीवनी ओपीडी को एबीडीएम प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है.
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