ओमप्रकाश राजभर ने की 'राजा सुहेलदेव' को भारत रत्न दिए जाने की मांग, बोले- अखिलेश यादव में नहीं है हिम्मत...

सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने कहा कि सभी जानते हैं कि राजा सुहेलदेव जैसा दूसरा महान योद्धा धरती पर नहीं पैदा हुआ होगा, उन्होंने देश को गुलाम होने से बचाया. लेकिन, ऐसे लोगों के लिए भारत रत्न की मांग करना अखिलेश यादव की प्राथमिकता में नहीं है. सपा अध्यक्ष ने अति पिछड़ों का वोट लेकर उनका शोषण किया.
Lucknow: उत्तर प्रदेश में ‘भारत रत्न’ को लेकर सियासत और तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी द्वारा मुलायम सिंह यादव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने की मांग के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने राजा सुहेलदेव को भारत रत्न देने की मांग की है. उन्होंने सपा की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वे ये मांग करें.
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जिन्होंने देश के लिए काम किया, देश की एकता अखंडता के लिए जुटे रहे और देश को गुलाम होने से बचाया, उन राजा सुहेलदेव को भारत रत्न दिया जाना चाहिए. हम इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे.
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी इतने महान राजा के लिए सार्वजनिक तौर पर भारत रत्न दिए जाने की मांग नहीं कर पाएगी. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास इतनी हिम्मत नहीं हैं. उनके लोग मुलायम सिंह यादव के लिए ही मांग करने में जुटे हैं.
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि बहराइच में राजा सुहेलदेव की याद में स्मारक का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास कर चुके हैं. सभी उनके बलिदान और शौर्य ये वाकिफ हैं. विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने जब भारत पर आक्रमण किया तो कोई राजा उसके आगे टिक नहीं पाया. केवल, राजा सुहेलदेव ने उसका मुकाबला दिया और बुरी तरह पराजित करने में सफल हुए.
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि राजा सुहेलदेव जैसा दूसरा महान योद्धा धरती पर नहीं पैदा हुआ होगा, उन्होंने देश को गुलाम होने से बचाया. लेकिन, ऐसे लोगों के लिए भारत रत्न की मांग करना अखिलेश यादव की प्राथमिकता में नहीं है. सपा अध्यक्ष ने हमेशा अति पिछड़ों का वोट लेकर उनका शोषण किया.
समाजवादी पार्टी की सरकार में ही अति पिछड़ों का प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया गया. ऐसे में वह किस मुंह से अपने नेता के लिए भारत रत्न की मांग कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने जब 2013 में आदेश दिया कि 27 प्रतिशत पिछड़ों के आरक्षण का लाभ केवल 12 जातियां उठा रही हैं और इन्हें अन्य जातियों में बांटकर उन्हें भी लाभ दिया जाए. तब अखिलेश यादव ने मुंह नहीं खोला. उन्होंने कहा कि पिछड़ों का हिस्सा लूटने वाले, पिछड़ों का हक देने से कतराने वाले आज अपने लोगों के लिए भारत रत्न की मांग कर रहे हैं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में करीब 18 फीसदी राजभर हैं और बहराइच से लेकर वाराणसी तक के 15 जनपदों की 60 विधानसभा सीटों पर इस वर्ग का काफी प्रभाव है. ऐसे में इन क्षेत्रों में राजा सहुेलदेव को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर सियासत तेज होने की उम्मीद है, वहीं ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इसका असर केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि देश में पड़ेगा, क्योंकि राजा सुहेलदेव को मानने वाले लोग हर जगह मौजूद हैं.
सुभासपा अध्यक्ष ने सपा को ड्रामा पार्टी बताया है. उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की बयानबाजी पर कहा कि जब ये नेता सत्ता में रहते हैं चार बार बसपा की सत्ता रही तब उनको पिछड़ों का अपमान नहीं दिखता. भाजपा में जाकर जब रामं शरणम गच्छामि कर रहे थे, तब ध्यान नहीं आया, तब राम नाम जपना पराया माल अपना जैसा हाल रहा. ओपी राजभर ने दावा किया कि कि अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के साथ हैं.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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