बिहार के चार और जिलों में होगी चाय की खेती, जानें सरकार देगी कितना अनुदान
Published by : Ashish Jha Updated At : 08 Aug 2024 11:43 AM
Tea Farming Bihar: कृषि विभाग ने अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जिलों में चाय की खेती का विस्तार करने की योजना तैयार की है.
Tea Farming Bihar: पटना. प्रदेश में अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार में भी चाय की खेती होगी. इन जिलों में चाय की खेती करने वाले किसानों को अनुदान भी देगी. अब तक राज्य में मूलत: किशनगंज में ही चाय की खेती हो रही है. किशनगंज के आसपास के जिलों को भी चाय की खेती के अनुकूल पाया गया है. कृषि विभाग ने इन चार जिलों में चाय की खेती का विस्तार करने की योजना तैयार की है. चाय किसानों को न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 4 हेक्टेयर के लिए किसानों को अनुदान मिलेगा.
सरकार देगी अनुदान
चाय की खेती में जमीन के समतलीकरण, गड्ढा निर्माण, पौधारोपण सामग्री व अन्य कार्यों पर प्रति हेक्टेयर 4.94 लाख रुपये खर्च आयेगा. इसमें 50 फीसदी राशि सरकार देगी. 2.47 लाख रुपये सरकार प्रति हेक्टेयर अनुदान दो किस्तों में किसानों को मिलेगा. 2.47 लाख में 75 फीसदी प्रथम किस्त के रूप में भुगतान किया जायेगा. शेष 25 फीसदी राशि चाय के पौधों के 90 फीसदी जीवित रहने पर दिये जायेंगे. एक हेक्टेयर में चाय की खेती के लिए 15526 पौधों की आवश्यकता होगी. सरकार की ओर से इस योजना पर 9 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.
Also Read: Darbhanga Metro: कब शुरू होगी दरभंगा समेत चार शहरों में मेट्रो, नवंबर में राइट्स सौंपेगी रिपोर्ट
किशनगंज में अभी चाय की 11 फैक्ट्रियां
अभी किशनगंज में ही चाय की खेती होती है और यहां अभी 11 फैक्ट्री हैं, लेकिन यहां चाय की खेती की जो क्षमता है, वह नहीं हो रही है. इसलिए इस क्षमता को बढ़ाना है. इतना ही नहीं, आसपास के अन्य जिलों की भी भौगोलिक स्थिति यही है. इसलिए कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल आदि कोसी के जिलों में इसकी खेती शुरू की जाएगी और यहां की संभावनाओं के अनुसार उसे बढ़ावा दिया जाएगा. इसमें टी बोर्ड ऑफ इंडिया और टी रीसर्च एसोसिएशन के साथ मिलकर भी काम किया जाएगा. बाद में हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर आदि में भी काम होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










