Bhubaneswar News: वाटकों ने राज्य के सभी 29 शहरी क्षेत्रों में 100% जलापूर्ति सुनिश्चित किया

Bhubaneswar News: ओडिशा जल निगम ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के सभी 29 शहरी क्षेत्रों में 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित किया है.
Bhubaneswar News: ओडिशा जल निगम (वाटको) ने शहरी नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने अधीन आने वाले सभी 29 शहरी स्थानीय निकायों में शत-प्रतिशत घरेलू पाइप जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी है. इस उपलब्धि के साथ ओडिशा ने शहरी जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है. इस उपलब्धि और भविष्य की जल एवं सीवरेज अवसंरचना विकास योजनाओं की समीक्षा हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में की गयी, जिसकी अध्यक्षता डॉ कृष्णचंद्र महापात्र ने की.
11 शहरी क्षेत्रों में 24×7 शुद्ध पेयजल आपूर्ति सफलतापूर्वक संचालित
मार्च 2026 तक वाटको लगभग 7,63,082 घरेलू जल कनेक्शनों के माध्यम से 49.1 लाख से अधिक शहरी आबादी को पाइप के जरिए पेयजल उपलब्ध करा रहा है. निगम की प्रमुख ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ पहल ने इस अभियान को नयी गति दी है. वर्तमान 11 शहरी क्षेत्रों में 24×7 शुद्ध पेयजल आपूर्ति सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जबकि 17 अन्य शहरों में इस परियोजना का विस्तार कार्य तेजी से जारी है. कोणार्क में भी इस योजना को लागू करने की तैयारी चल रही है. वाटको की कुल जल आपूर्ति क्षमता अब 988.89 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) तक पहुंच चुकी है, जबकि वर्तमान शहरी मांग 700.67 एमएलडी है. यह अतिरिक्त क्षमता राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा को मजबूत आधार प्रदान करेगी.
आवंटित 912 करोड़ के बजट का हुआ शत-प्रतिशत उपयोग
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान वाटको ने जलापूर्ति एवं सीवरेज अवसंरचना विकास के लिए आवंटित 912 करोड़ रुपये के बजट का शत-प्रतिशत उपयोग किया. इसके अलावा अमृत योजना, ओएमबीएडीसी और अन्य जमा निधियों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त निवेश भी किया गया, जिससे शहरी जल एवं स्वच्छता अवसंरचना को और सुदृढ़ किया गया. इसी गति को आगे बढ़ाते हुए निगम ने वर्ष 2026-27 के लिए 920 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है. इसमें सीवरेज अवसंरचना विकास के लिए 250 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, ताकि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जा सके. पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान वाटको ने तीन नये जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) चालू किये और 58 ऊंची क्षमता वाले जलाशयों (एलिवेटेड सर्विस रिजर्वायर) का निर्माण पूरा किया. इससे राज्य की शहरी जल वितरण प्रणाली को काफी मजबूती मिली है.
राज्यभर में 2658.47 करोड़ रुपये की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं पर काम जारी
वर्तमान में वाटको राज्यभर में लगभग 2,658.47 करोड़ रुपये की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है. इनमें भुवनेश्वर के लिए 130 एमएलडी क्षमता वाले बड़े जल शोधन संयंत्र का निर्माण और राजधानी के बस्ती एवं गैर-बस्ती क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं. तकनीक आधारित जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए वाटको ने भुवनेश्वर, पुरी, कटक, राउरकेला और ब्रह्मपुर में 50 हजार स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की है. इस पहल से बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, जल हानि कम होगी तथा संसाधन प्रबंधन को स्मार्ट निगरानी प्रणाली के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकेगा. आगामी चरण में वाटको 6,129 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इनमें संबलपुर के लिए 1,682 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना और बारीपदा के लिए 830.97 करोड़ रुपये की सीवरेज प्रणाली परियोजना शामिल है. जल गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाटको वर्तमान में पीपीपी मॉडल के तहत 14 आधुनिक जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित कर रहा है, जबकि दो नयी प्रयोगशालाएं निर्माणाधीन हैं. इसके अतिरिक्त आइआइटी भुवनेश्वर के साथ तकनीकी सहयोग समझौते के माध्यम से उन्नत जल गुणवत्ता निगरानी और तकनीकी सहायता को भी मजबूत किया जा रहा है. संपूर्ण गुणवत्ता निगरानी प्रणाली की देखरेख वाटको की विशेष जल गुणवत्ता आश्वासन इकाई द्वारा की जा रही है.
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