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Rourkela News: कोइड़ा के पाटमुंडा गांव में दंतैल हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत

Updated at : 05 Oct 2024 12:04 AM (IST)
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Rourkela News: कोइड़ा के पाटमुंडा गांव में दंतैल हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत

Rourkela News: कोइड़ा फॉरेस्ट रेंज के पाटमुंडा गांव के हरचंडा पाड़ा में गुरुवार रात दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गयी है.

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Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले के कोइड़ा फॉरेस्ट रेंज के पाटमुंडा गांव के हरचंडा पाड़ा में गुरुवार रात दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गयी है. मृतक की पहचान सोमा मुंडा (50) के तौर पर हुई है. आश्चर्य की बात है कि इस हाथी को वन विभाग ने 15 दिन पहले ट्रैंकुलाइज कर रेडियो कॉलर लगाया था, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इसके बाद भी इस हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत पर सवाल उठने लगे हैं. जानकारी के अनुसार, यह दंतैल हाथी गुरुवार की रात सोमा मुंडा के घर के पास आया. इसका पता चलने पर परिवार के अन्य सदस्य जान बचाने के लिए घर से भाग निकले. लेकिन सोमा मुंडा घर से निकलते वक्त इस हाथी की चपेट में आ गया. हाथी ने उसे सूंड़ से उठाकर उसे नीचे पटककर कुचल दिया. जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. वन विभाग ने शव को जब्त कर कोइड़ा स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

ग्रामीणों ने जतायी नाराजगी, मुआवजा देने की मांग की

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही वन विभाग के रवैये पर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. वन विभाग के शीर्ष अधिकारी शुक्रवार को उक्त अंचल में दौरे पर पहुंचे थे. वे बरसुआं रेंज के सारकुंडा संरक्षित जंगल के दोलता पहाड़ में नयी लीज पानेवाली कासवी खदान का परिदर्शन करने पहुंचे थे. लेकिन गांव में एक व्यक्ति की हाथी के हमले में मौत होने के बाद भी कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा. इस पर ग्रामीणों ने सवाल किया है कि क्या लोगों के जीवन से नयी खदान वन विभाग के लिए ज्यादा जरूरी है.

रातजगा कर रहे ग्रामीण, वन विभाग के प्रति दिख रहा रोष

कोइड़ा फॉरेस्ट रेंज के विभिन्न गांवों में हाथियों का उत्पात पिछले कई महीनों से जारी है. हाथी न केवल फसल और घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि कई ग्रामीणों की जान जा चुकी है. हाथी के हमले के भय से ग्रामीण रातजगा कर रहे हैं. वन विभाग की टीम हाथियों को खदेड़ने में विफल रह रही है. जिससे ग्रामीणों में रोष देखा जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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