Rourkela News: 986 ग्राम सोना व 2.50 किलो चांदी से निर्मित धनुष प्रभु श्रीराम के चरणों में किया जायेगा अर्पित
Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 19 Jan 2026 11:04 PM
Rourkela News: राउरकेला से अयोध्या के लिए रवाना किया गया स्वर्ण धनुष सोमवार को पुरी पहुंचा. वहां से यह अयोध्या के लिए रवाना हो गया है.
Rourkela News: राउरकेला के सनातन जागरण मंच की ओर से 986 ग्राम सोना व 2.50 किलो चांदी समेत पंचधातु से निर्मित धनुष 22 जनवरी को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित किया जायेगा. इस धनुष को राउरकेला से अयोध्या के लिए दो जनवरी को रवाना किया गया था. इसको लेकर निकली धनुष यात्रा सोमवार को पुरी पहुंची. जिसके बाद वहां से यह अयोध्याधाम के लिए रवाना हो गयी है.
22 जनवरी को धनुष पहुंचेगा अयोध्याधाम
22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ मनायी जायेगी. इसे लेकर देश भर के राम भक्तों में उत्साह का वातावरण रहा है. सनातन जागरण मंच की ओर से बताया कि सभी सनातनी को जोड़ने के लिए यह स्वर्ण धनुष यात्रा निकाली गयी है. आगामी 22 जनवरी को श्री राम मंदिर में भगवान श्रीराम के चरणों में यह स्वर्ण धनुष अर्पित किया जायेगा.
चार राज्यों से होकर अयोध्या के श्रीराम मंदिर पहुंचेगी यात्रा
नववर्ष के पहले दिन गुरुवार की शाम 6:30 बजे स्वर्ण धनुष तमिलनाडु के कांचीपुरम से राउरकेला पहुंचा था. इसके बाद शुक्रवार को हनुमान वाटिका में विधि-विधान से पूजा करने के बाद इस स्वर्ण धनुष यात्रा को रवाना किया गया. यह यात्रा ओडिशा के 30 जिलों का दौरा करने के बाद झारखंड, छत्तीसगढ़ से होकर उत्तर प्रदेश पहुंचेगी. इस तीर धनुष का वजन करीब 286 किलो है, जिसमे सोना करीब 986 ग्राम व चांदी 2.5 किलो है. बाकी लोहा, तांबा, कॉपर से बना है.
झारसुगुड़ा : श्रीमद् भागवत पुराण की पूजा-अर्चना कर निकाली कलश शोभायात्रा
शंकर बगीचा (सरबाहल रोड) में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार से शुभारंभ हुआ. सोमवार सुबह 11 बजे स्थानीय झंडा चौक स्थित प्राचीन सिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी. मंदिर में वृंदावन से आये कथा वाचक पंडित बिहारी जी महाराज ने यहां श्रीमद् भागवत पुराण की पूजा-अर्चना की. यजमान के रूप में मुकेश तिवारी व उनकी धर्मपत्नी वृंदा तिवारी उपस्थित रहे. इसके बाद कलश शोभायात्रा शहर की परिक्रमा करते हुए आयोजन स्थल शंकर बगीचा पहुंची जहां कलश की स्थापना की गयी. विदित हो कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन महिला मंडल झारसुगुड़ा कि ओर से किया गया है. जिसमें सभी समाज की महिलाएं शामिल हैं. सभी महिलाएं गत एक माह से कथा की तैयारी में लगी थीं. कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से संध्या छह बजे तक होगी.
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