Rourkela News: स्मार्ट सिटी का पारा 39.5 डिग्री पहुंचा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Updated at : 05 Apr 2026 12:01 AM (IST)
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Rourkela News: स्मार्ट सिटी का पारा 39.5 डिग्री पहुंचा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Rourkela News: राउरकेला में अप्रैल की शुरुआत से ही गर्मी ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. इससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है.

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Rourkela News: अप्रैल की शुरुआत से ही भीषण गर्मी से शहर में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है. शुक्रवार को शहर में तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. आगे स्थिति और भी बदतर होने की आशंका है. हालांकि शनिवार को दोपहर के समय आसमान में बादल छाये रहने से थाेड़ी राहत भी मिली.

10 बजे के बाद घर से निकलना हुआ मुश्किल

अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. आलम यह है कि सुबह 10 बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो गया है. दिन-प्रतिदिन बढ़ती गर्मी के कारण शहर और आसपास के इलाकों में पानी का संकट भी बढ़ता जा रहा है. कुछ बस्तियों में स्टैंड पोस्ट लगे हैं, लेकिन पानी नहीं आ रहा है. वहीं कुछ अन्य बस्तियों में रखरखाव की कमी के कारण ट्यूबवेल खराब हो गये हैं. निवासियों को पानी के लिए पहले से ही संघर्ष करना पड़ रहा है.

अब तक केवल स्थल की हुई पहचान, नहीं लगे प्याऊ

आम लोगों और राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए जिला प्रशासन और राउरकेला नगर निगम (आरएमसी) ने शहर में कई जगहों पर पीने के पानी की व्यवस्था की है. लेकिन कई जगहों पर पानी के नल और वाटर एटीएम से पानी नहीं आ रहा है. आरएमसी ने अभी तक पीने के पानी की व्यवस्था के लिए सार्वजनिक प्याऊ की शुरुआत नहीं की है. आरएमसी के विभागीय अधिकारी ने केवल स्थल की पहचान करने का ही काम किया है, जबकि इनमें से किसी भी स्थान पर प्याऊ नहीं खोला गया है. जिससे राहगीरों और आम जनता दोनों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

लाखों रुपये हुए खर्च, नहीं बुझ रही प्यास

पानपोष, उदितनगर आंबेडकर चौक, आरएमसी चौक और बिरसा मुंडा चौक आदि स्थानों पर पीने के पानी के नल लगाये गये हैं, लेकिन प्यास बुझाने के लिए पानी नहीं आता. वहीं सरकारी अस्पताल के पास लगा पानी का एटीएम पिछले चार साल से खराब पड़ा है. इलाज के लिए यहां पहुंचे बाबुल दास और संतोष कुमार ने बताया कि इसके चलते अस्पताल आने वाले मरीज और उनके रिश्तेदार पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बुजुर्गों के लिए पेयजल व्यवस्था को ठीक करना जरूरी हो गया है. वाटको, स्मार्ट सिटी और आरएमसी ने लाखों रुपये खर्च करके पेयजल की व्यवस्था की है. लेकिन रखरखाव की कमी के कारण ये व्यवस्थाएं लोगों के लिए उपयोगी नहीं रही हैं.

चौक-चौराहों पर शेड नहीं, परेशान हो रहे यात्री

दूसरी ओर एसटीआइ चौक, पानपोष और अन्य चौक-चौराहों पर यात्री प्रतीक्षा कक्ष नहीं होने के कारण यात्रियों को भीषण गर्मी में पसीना बहाना पड़ता है. खासकर एसटीआइ ओवरब्रिज के पास यात्री प्रतीक्षा क्षेत्र बनाने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है. जिससे यात्रियों में असंतोष देखा जा रहा है.

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BIPIN KUMAR YADAV

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