Rourkela News: राउरकेला में श्री श्री सोलापुरी, बंडामुंडा में श्रीश्री नुकलम्मावारी माता पूजा शुरू

Updated at : 12 Apr 2026 12:20 AM (IST)
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Rourkela News: राउरकेला में श्री श्री सोलापुरी, बंडामुंडा में श्रीश्री नुकलम्मावारी माता पूजा शुरू

Rourkela News: राउरकेला और बंडामुंडा में शनिवार को कलशयात्रा निकाल कर श्री श्री सोलापुरी माता और श्रीश्री नुकलम्मावारी माता की पूजा शुरू हुई.

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Rourkela News: श्री श्री सोलापुरी (शीतला माता) पूजा समिति, रेलवे कॉलोनी की ओर से 52वीं माता पूजा शनिवार को शुरू हुई. इसको लेकर शुक्रवार शाम राटा स्थापना की गयी. यह पूजा 19 अप्रैल तक चलेगी. इस पूजा को लेकर रेलवे कॉलोनी में स्वास्थ्य केंद्र के पास भव्य पंडाल बनाया गया है. शनिवार को माता पूजा के प्रथम दिवस पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल रहे. बड़ी संख्या में भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया.

पूजा समिति की ओर से लगाया गया है मेला

पूजा समिति की ओर से यहां मेला भी लगाया गया है, जिसमें अलग-अलग तरह की दुकानें लगी हैं. इस पूजा के आयोजन में समिति के अध्यक्ष एनएसआरके राव, महासचिव पी प्रकाश राव, काेषाध्यक्ष राजेश कुमार प्रसाद (बबलू), उपाध्यक्ष रमेश जगदला, एस कोटेश्वर राव, एस विनायक राव, कार्यकारी सचिव बी प्रसाद राव, आर वेंकट राव, आरसीएस रेड्डी, संयुक्त कोषाध्यक्ष पीएन राव, पी वेंकटेश, शोभायात्रा सचिव शत्रुघ्न सिंह (गुड्डू), समरप्रिय तांती, संगठन सचिव भीसन साहू, सूरज साह, पूजा सचिव एमएस राव (मेडिकल) व सी दिवाकर राव सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

बंडामुंडा : गाजे-बाजे के साथ निकली कलश शोभायात्रा

बंडामुंडा बी सेक्टर में दक्षिण भारतीय समुदाय की आस्था और परंपरा का प्रतीक श्रीश्री नुकलम्मावारी माता पूजा का शुभारंभ शनिवार सुबह पारंपरिक राटा पूजा के साथ हुआ. इसको लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति व उत्साह का माहौल दिखा. सुबह करीब 9:00 बजे बंडामुंडा ए सेक्टर स्थित विजय भास्कर राव के निवास से पारंपरिक बाजे-गाजे के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी, जो पूजा पंडाल तक पहुंची. दक्षिण भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित सुहागिन महिलाएं सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं. खड़गपुर से आये पुजारी पार्थ सारथी ने विधि-विधान के साथ राटा पूजा संपन्न कराया, जो इस पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान फैलने वाले विभिन्न रोगों से रक्षा के लिए दक्षिण भारतीय समुदाय द्वारा हल्दी और नीम के पत्तों से निर्मित माता के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है. राटा पूजा को इस महोत्सव का प्रमुख प्रारंभिक अनुष्ठान माना जाता है. बी सेक्टर माता पूजा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि माता पूजा का आयोजन 13 से 21 अप्रैल तक होगा. नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन प्रतिमा विसर्जन के साथ किया जायेगा.

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BIPIN KUMAR YADAV

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