Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने विकास कार्यों में देरी पर सख्ती बरतते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है कि तय समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी नहीं करने पर उन्हें जवाबदेह ठहराया जायेगा. यह सख्त संदेश सोमवार को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री रवि नारायण नाइक ने एक समीक्षा बैठक के दौरान दी.
हर माह वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपनी होगी प्रगति रिपोर्ट
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब से सभी विकास परियोजनाओं की कड़ी निगरानी की जायेगी और संबंधित अधिकारियों को हर माह वरिष्ठ अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी. उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूरे नहीं होते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. ओडिशा को 2036 तक एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने कई अधोसंरचना परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत वर्ष 2029 के आम चुनावों से पहले राज्य में 30,000 से 40,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. सेतु बंधन योजना के तहत राज्य भर में 500 नये पुलों का निर्माण किया जायेगा. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत 5,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले चरण में आठ जिलों में लगभग 2,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जायेगा. पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अधूरी छोड़ी गयी लगभग 20 पुल परियोजनाओं की समीक्षा के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं, जिनका अभी तक सार्वजनिक उपयोग नहीं हो पाया है. इन परियोजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
विभाग में रिक्त 850 पदों को शीघ्र भरा जायेगा
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि विभाग में 850 रिक्त पदों को शीघ्र भरा जायेगा. इसके साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम के निर्माण की योजना भी बनायी जा रही है, ताकि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा दिया जा सके. उन्होंने बताया कि विभाग के अंतर्गत लगभग 60 डिवीजन कार्यरत हैं और सभी परियोजनाओं की निगरानी चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता व एसडीओ स्तर तक की जायेगी.
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