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Bhubaneswar News: परिक्रमा परियोजना के कारण मेघनाद प्राचीर हुई कमजोर : अनिल बिश्वाल

Updated at : 05 Nov 2024 11:22 PM (IST)
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Bhubaneswar News: परिक्रमा परियोजना के कारण मेघनाद प्राचीर हुई कमजोर : अनिल बिश्वाल

Bhubaneswar News: जगन्नाथ मंदिर की चहारदीवारी में दरारों को लेकर भाजपा ने नवीन पटनायक और वीके पांडियन पर निशाना साधा है.

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Bhubaneswar News: भाजपा प्रवक्ता अनिल बिश्वाल ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और उनके सहयोगी वीके पांडियन पर पुरी के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की मेघनाद प्राचीर में हुए संरचनात्मक नुकसान को लेकर निशाना साधा है. बिश्वाल ने आरोप लगाया कि परिक्रमा परियोजना के तहत किये गये निर्माण कार्य के कारण प्राचीर में दरारें आयी हैं. सोशल मीडिया पोस्ट में बिश्वाल ने परिक्रमा परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों की आलोचना की और बताया कि मंदिर की दीवारों के पास बड़े पैमाने पर खुदाई और भारी मशीनरी का उपयोग करने से प्राचीन प्राचीर को संरचनात्मक क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा कि कुछ गलतियां ऐसी होती हैं, जो अक्षम्य हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और वीके पांडियन ने मंदिर की सुरक्षा से अधिक अपने राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी, जो ओडिशा के लोगों के लिए पीड़ादायक है. श्रीमंदिर को ओडिशा की शान और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताते हुए बिश्वाल ने मेघनाद प्राचीर में आयी दरारों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ये दरारें भगवान जगन्नाथ के लाखों भक्तों में चिंता का विषय बन रही हैं. हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य सरकार ने मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन बिश्वाल ने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने क्यों दी गयी.

नियमों का उल्लंघन कर 900 साल पुरानी धरोहर को खतरे में डाला

अनिल बिश्वाल ने आरोप लगाया कि परिक्रमा परियोजना के तहत मंदिर के पास की गयी खुदाई और भारी मशीनरी का उपयोग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की अनुमति के बिना किया गया. जो प्राचीन स्मारक, पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है, जो कि विरासत स्थलों के 100 मीटर के दायरे में सख्त नियम लागू करता है. उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनदेखी करके उन्होंने 900 साल पुरानी धरोहर संरचना को खतरे में डाल दिया. इसके अलावा, बिश्वाल ने मंदिर के आसपास की गयी व्यापक खुदाई पर भी सवाल उठाया, पूछा कि यदि परियोजना केवल रास्ते और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए थी, तो मंदिर के आसपास इतनी बड़ी खुदाई क्यों की गयी? उन्होंने सवाल किया कि क्या इसके पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा है? उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक और वीके पांडियन को सार्वजनिक रूप से इस परियोजना से संबंधित अपने निर्णयों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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