Bhubaneswar News: बीएमएस के राष्ट्रीय अधिवेशन में चार प्रस्ताव पारित, सभी श्रमिकों पर श्रम कानून लागू करने की मांग
Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 09 Feb 2026 11:27 PM
Bhubaneswar News: ओडिशा के पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ के त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किये गये.
Bhubaneswar News: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने सभी श्रमिकों पर बिना किसी अपवाद के श्रम कानूनों को लागू किए जाने की मांग की है. यह मांग ओडिशा के पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ के तीन दिवसीय त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान पारित चार प्रमुख प्रस्तावों में शामिल है. संघ ने कहा है कि सभी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जायेंगे. पारित प्रस्तावों में बीएमएस ने श्रम कानूनों के सार्वभौमीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सभी श्रमिकों को जीवन-यापन योग्य वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नयी श्रम नीति घोषित की जानी चाहिए.
सशक्त भारत के पुनर्निर्माण का लिया गया संकल्प
संघ ने बताया कि 6 से 8 फरवरी 2026 के बीच पुरी में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में अंत्योदय को संगठन का लक्ष्य घोषित किया गया है और सशक्त भारत के पुनर्निर्माण के लिए सभी प्रयासों को उसी दिशा में केंद्रित करने का संकल्प लिया गया है. इस संदर्भ में केंद्र और राज्य सरकारों से श्रम संहिताओं तथा अन्य श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन करने और श्रम लाभों के सार्वभौमीकरण पर बीएमएस के साथ तत्काल परामर्श शुरू करने की मांग की गयी है. एक अन्य प्रस्ताव में भारतीय मजदूर संघ ने आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देते हुए उन्हें वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने की मांग की है. संघ का कहना है कि सरकार और आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच कर्मचारी-नियोक्ता संबंध स्पष्ट रूप से स्थापित है. चूंकि ये कर्मी वैधानिक पदों पर कार्यरत हैं, इसलिए वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 और ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972 उनके ऊपर लागू होते हैं. इसके अलावा, इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस के 45वें सत्र में भी उनके लिए न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश की गयी है. ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों को शीघ्र कर्मचारी घोषित कर संबंधित लाभ प्रदान किये जाने की मांग की गयी है.
त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे प्रभावी, व्यावहारिक और नियमित बनाने की मांग
बीएमएस ने एक अन्य प्रस्ताव में त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे प्रभावी, व्यावहारिक और नियमित बनाने की मांग की है. संघ ने कहा कि औद्योगिक शांति और श्रमिक कल्याण के लिए त्रिपक्षीय संवाद को फिर से सक्रिय किया जाना आवश्यक है. प्रस्ताव में चेतावनी दी गयी है कि यदि सरकार द्वारा त्रिपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किये गये, तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा. एक अन्य प्रस्ताव में संगठन ने ठेका श्रमिकों के शोषण को समाप्त करने के लिए कानूनों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है, ताकि उन्हें भी समान अधिकार और सुरक्षा मिल सके.
तेलंगाना के एस मल्लेशम बने अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ के सुरेंद्र कुमार महासचिव
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने ओडिशा के पुरी में आयोजित तीन दिवसीय त्रैवार्षिक अधिवेशन के दौरान 2026-29 कार्यकाल के लिए अपने नये राष्ट्रीय पदाधिकारियों का चुनाव किया. इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से प्रतिनिधियों ने भाग लिया. भारतीय मजदूर संघ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, तेलंगाना से एस मल्लेशम को संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जबकि छत्तीसगढ़ से सुरेंद्र कुमार पांडे को महासचिव बनाया गया है. नवगठित राष्ट्रीय समिति में अन्य प्रमुख पदाधिकारियों में दिल्ली से अनीश मिश्रा को वित्त सचिव, बी सुरेंद्रन को संगठन सचिव, गणेश मिश्रा को संयुक्त संगठन सचिव तथा पलजीत परमार को कार्यालय सचिव चुना गया है. उपाध्यक्ष पद के लिए चुने गये नेताओं में पंजाब से सुखविंदर सिंह डिक्की, विदर्भ से नीता चौबे, उत्तर प्रदेश से अशोक शुक्ला, केरल से उन्नीकृष्णन उन्निनाथन, राजस्थान से राजेंद्र शर्मा, दिल्ली से पवन कुमार तथा गुजरात से जिग्नेश मजूमदार शामिल हैं. सचिव पद पर चुने गये पदाधिकारियों में मध्य प्रदेश से रामनाथ गणेशे और अरविंद मिश्रा, ओडिशा से अंजलि पटेल, छत्तीसगढ़ से राधेश्याम जायसवाल, हरियाणा से अशोक कुमार, महाराष्ट्र से अनिल दुमने तथा बिहार से संजय कुमार सिन्हा शामिल हैं. अधिवेशन के दौरान कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से महिला कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो संगठन की समावेशी नेतृत्व नीति को दर्शाती है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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