Rourkela News: राउरकेला महानगर निगम (आरएमसी) ने वर्ष 2023 में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान राउरकेला शहर को विकसित करने के लिए कई विकास परियोजना को अमली जामा पहनाया था. इसी सिलसिले में राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सालों से कचरा से भरे राउरकेला के डीएवी तालाब के जीर्णोद्धार पर 14 करोड़ रुपये खर्च किये. पांच जनवरी, 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसका उद्घाटन किया था. बाद में इस तालाब का नाम बासंती सरोवर कर दिया गया. शुरुआत में यह शहर में मनोरंजन की जगह बन गया था.
रंग-बिरंगे पानी के फव्वारे लोगों को करते थे आकर्षित
बासंती सरोवर में छोटे बच्चों के खेलने के लिए झूले थे, वहीं युवाओं के बैठने के लिए कुर्सियां थीं. शाम के समय रंग-बिरंगे पानी के फव्वारे लोगों को आकर्षित करते थे. 15 अगस्त, 2023 को बोटिंग शुरू हुई. बाद में जहां दिन में कॉलेज के छात्र वहां जमा होते थे, वहीं शाम को शहरवासी बोटिंग के लिए आते थे. लेकिन अब लोग यहां आना पसंद नहीं करते, क्योंकि पार्क अब डरावना लगता है. पार्क में लगे उपकरण खराब हो गये हैं, वहीं फ्लोटिंग पुल की हालत भी खराब है. इस पुल पर लगी हाई-डेंसिटी पॉलीथिन ईंटें कुछ जगहों से टूट गयी हैं, जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को वहां पर ले जाना सुरक्षित नहीं लग रहा है. शहर के लोगों ने इसके खराब रखरखाव को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया है. इस पर 14 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने टेंडर निकालकर एक कंपनी को मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी. इसके बाद भी इसकी दुर्दशा चिंता का विषय बनी हुई है.
टिकट 15 रुपये का, लेकिन सुवधाएं न के बराबर
यहां आनेवाले लोगों का कहना है कि यहां प्रवेश करने के लिए टिकट का 15 रुपये लिया जा रहा है. लेकिन पार्क में न तो बैठने के लिए कुर्सियां हैं और न ही बच्चों के खेलने के लिए कोई सुविधा. यहां के फ्लोटिंग पुल की हालत ऐसी है कि बच्चों को छोड़ना भी डरावना है. कई जगहों पर प्लास्टिक की ईंटें नहीं हैं. अगर कोई छोटा बच्चा गलती से गिर जाये, तो बड़ा हादसा हो सकता है. तालाब का पानी भी नहीं निकाला जा रहा है. पानी से निकलने वाली बदबू ने माहौल को और भी खराब कर दिया है. प्रशासन को इस पर खास ध्यान देने की जरूरत है.
रिपेयर और मेंटेनेंस में कई गड़बड़ियां हुई, फिर से खोला गया है टेंडर
राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीइओ धीना दस्तगीर ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार कंपनी से जवाब मांगा गया है. रिपेयर और मेंटेनेंस में कई गड़बड़ियां हुई हैं. इसलिए टेंडर फिर से खोला गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

