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ट्विटर को लेकर शिवसेना ने भाजपा पर बोला हमला, कहा- कभी राजनीतिक संघर्ष की आत्मा रहा, अब बोझ बन गया

Updated at : 07 Jun 2021 8:45 PM (IST)
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ट्विटर को लेकर शिवसेना ने भाजपा पर बोला हमला, कहा- कभी राजनीतिक संघर्ष की आत्मा रहा, अब बोझ बन गया

Twitter, Shiv Sena, BJP : मुंबई : केंद्र सरकार और ट्विटर में टकराव के बीच अब शिवसेना ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा है कि ट्विटर अब बोझ बन गया है, जिसे वे दूर हटाना चाहते हैं.

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मुंबई : केंद्र सरकार और ट्विटर में टकराव के बीच अब शिवसेना ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा है कि ट्विटर अब बोझ बन गया है, जिसे वे दूर हटाना चाहते हैं.

शिवसेना ने कहा है कि मोदी सरकार और भाजपा के राजनीतिक संघर्ष अथवा अभियान की आत्मा ट्विटर था. लेकिन, अब उनके लिए यह बोझ बन गया है. मामला इतना बढ़ गया है कि मोदी सरकार इस मुकाम तक पहुंच गयी हे कि इसे दूर हटाना है या नहीं. साथ ही कहा है कि ट्विटर जैसे माध्यमों को छोड़ कर पूरे देश की मीडिया मोदी सरकार के नियंत्रण में है. शिवसेना ने आरोप लगाया है कि साल 2014 के चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया का ‘मूर्खतापूर्ण’ और ‘चरित्र हनन’ के लिए भरपूर उपयोग किया था.

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर चरित्र हनन का अभियान चलाया जा रहा है. साल 2014 में भाजपा को इसमें महारत हासिल थी. उसके अलावा अन्य राजनीतिक दल नहीं जानते थे कि इसका भरपूर उपयोग कैसे किया जाये. उस समय तक भाजपा जमीन पर कम और सोशल मीडिया में ज्यादा सक्रिय थी.

‘सामना’ के संपादकीय में सवाल उठाते हुए कहा गया है कि ट्विटर पर राहुल गांधी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किस नियम के तहत किया गया? डॉ मनमोहन सिंह जैसे नेता के लिए प्रयोग में लाये गये विशेषण किन नियमों के तहत थे? उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, शरद पवार, प्रियंका गांधी, मुलायम सिंह जैसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ भी चरित्र हनन का अभियान चलाया गया था.

साथ ही कहा गया है कि अब विपक्ष ने ट्विटर का प्रभावी उपयोग करना सीख लिया है और पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में सत्ताधारी दलों में दहशत पैदा कर रहा है. पहले ये हमले एकतरफा थे, तो भाजपा नेता खुश थे. लेकिन, जब विपक्ष ने समान हमले करने शुरू कर दिये तो अब भाजपा में दहशत आने लगी.

संपादकीय में सवाल उठाते हुए कहा गया है कि ट्विटर पर राहुल गांधी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किस नियम के तहत किया गया? डॉ मनमोहन सिंह जैसे नेता के लिए प्रयोग में लाये गये विशेषण किन नियमों के तहत थे? उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, शरद पवार, प्रियंका गांधी, मुलायम सिंह जैसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ भी चरित्र हनन का अभियान चलाया गया था.

साथ ही कहा गया है कि अब विपक्ष ने ट्विटर का प्रभावी उपयोग करना सीख लिया है और पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में सत्ताधारी दलों में दहशत पैदा कर रहा है. पहले ये हमले एकतरफा थे, तो भाजपा नेता खुश थे. लेकिन, जब विपक्ष ने समान हमले करने शुरू कर दिये तो अब भाजपा में दहशत आने लगी.

मालूम हो कि केंद्र सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी के नये नियमों को लेकर ट्विटर को नोटिस भेजा गया था. साथ ही नये आईटी नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था. हाईकोर्ट के दखल देने के बाद ट्विटर ने भी भारत में केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सेवाएं देने की बात कही है.

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