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'हार मानने तक आदमी खत्म नहीं होता' जानें नितिन गडकरी ने आखिर क्यों दिया ऐसा बयान

Updated at : 28 Aug 2022 5:14 PM (IST)
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'हार मानने तक आदमी खत्म नहीं होता' जानें नितिन गडकरी ने आखिर क्यों दिया ऐसा बयान

नितिन गडकरी ने कहा कि इस्तेमाल कर फेंक देने की नीति सही नहीं हैं. किसी को भी इस्तेमाल करो ओर फेको की दौर में नहीं शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अच्छे दिन हों या बुरे दिन जब एक बार किसी का हाथ थाम ले तो उसे थामे रहें.

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Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जब कोई व्यक्ति पराजित होता है तो खत्म नहीं होता लेकिन जब वह हार मान लेता है तो खत्म हो जाता है. गडकरी नागपुर में उद्यमियों की एक सभा को संबोधित करते हुए शनिवार को यह बात कही. गडकरी ने यह भी कहा कि जो कोई भी शख्स व्यवसाय, सामाजिक कार्य या राजनीति में है, उसके लिए मानवीय संबंध सबसे बड़ी ताकत है.

इस्तेमाल कर फेंक देने की नीति सही नहीं-गडकरी: महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित सभा में बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि इस्तेमाल कर फेंक देने की नीति सही नहीं हैं. किसी को भी इस्तेमाल करो ओर फेको की दौर में नहीं शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अच्छे दिन हों या बुरे दिन जब एक बार किसी का हाथ थाम ले तो उसे थामे रहें. उगते सूरज की पूजा न करें.

संसदीय बोर्ड से हटाए गये हैं गडकरी: गौरतलब है कि बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसदीय बोर्ड नितिन गडकरी को हटा दिया गया है. इसको लेकर चर्चा का बाजार गरम है. ऐसे में नितिन गडकरी के इस बयान लेकर राजनीति गलियारों में चर्चा हो रही है.

छात्र जीवन को किया याद: नितिन गडकरी ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि जब वह छात्र नेता थे, तब कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने उन्हें बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए कहा था. इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा मैंने उस दौर में श्रीकांत से कहा था कि मैं कुएं में कूदकर मर जाऊंगा, लेकिन कांग्रेस में शामिल नहीं होऊंगा, क्योंकि मुझे कांग्रेस की विचारधारा पसंद नहीं है.

अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का दिया मिसाल: केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सबा में युवा उद्यमियों को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की मिसाल देते हुए कहा कि युवाओं को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आत्मकथा पढ़नी चाहिए. उन्होंने उस किताब की एक वाक्य याद करते हुए कहा कि हारने पर आदमी का अंत नहीं होता है, लेकिन जब वह हार मान लेता है तो वह खत्म हो जाता है.
भाषा इनपुट के साथ

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