Palamu Tiger Reserve: बाघ देखना है, तो चले आईए पलामू टाइगर रिजर्व

पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड का एकमात्र और देश के मूल 9 बाघ अभ्यारण्यों में एक है.
World Tiger Day: अगर आपको भी बाघों का दीदार करना है, तो चले आईए पलामू टाइगर रिजर्व. झारखंड के पलामू प्रमंडल के लातेहार जिला में स्थित बेतला नेशनल पार्क का हिस्सा है पलामू टाइगर रिजर्व. बताया जा रहा है कि अभी इस टाइगर रिजर्व में 5 बाघ हैं. पिछले दिनों जमशेदपुर के दलमा क्षेत्र में भी एक बाघ देखा गया था. वन विभाग का मानना है कि पलामू एक बार फिर बाघों से गुलजार हो रहा है.
World Tiger Day|Palamu Tiger Reserve: पलामू टाइगर रिजर्व पहला बाघ अभ्यारण्य है, जहा पगमार्क की गिनती के आधार पर बाघों की गणना की गयी थी. बेतला नेशनल पार्क के रूप में प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड के पलामू प्रमंडल के लातेहार जिले के पश्चिमी भाग में है.
1973 में बाघ अभ्यारण्य बना पलामू टाइगर रिजर्व
पलामू टाइगर रिजर्व भारत के 9 मूल बाघ अभ्यारण्यों में एक है. यह झारखंड राज्य का एकमात्र टाइगर रिजर्व है. इस क्षेत्र को वर्ष 1973 में पलामू टाइगर रिजर्व के रूप में स्थापित किया गया. पहले, इस क्षेत्र का उपयोग मवेशियों के चरने और शिविर लगाने के लिए किया जाता था. यह क्षेत्र जंगल की आग के लिए बहुत संवेदनशील था.
World Tiger Day: खनिज संपदा से समृद्ध है पीटीआर
पीटीआर बॉक्साइट और कोयला जैसे खनिजों से समृद्ध है. इस बाघ अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 1,014 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 414 वर्ग किलोमीटर मुख्य क्षेत्र और 600 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र है. इस टाइगर रिजर्व में बाघों और हाथियों के अलावा, तेंदुए, गौर, सांभर और जंगली कुत्ते भी रहते हैं. उत्तरी कोयल नदी रिजर्व से गुजरती है, लेकिन जानवर पानी के लिए मानव निर्मित गड्ढों पर निर्भर हैं, जिसकी वजह से वे इंसान के संपर्क में आ जाते हैं. रिजर्व में पक्षियों की 140 से अधिक प्रजातियां पायी जाती हैं.
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किस टाइगर रिजर्व में है सबसे ज्यादा बाघ?
भारत में कुल 54 टाइगर रिजर्व हैं. वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व भारत का 54वां टाइगर रिजर्व है. वर्ष 2018 में बाघों की गणना हुई, तो 526 बाघों का पता चला था. मध्यप्रदेश में 785 बाघ थे, जिससे इसे ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा दिया गया है. मध्यप्रदेश में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व भी है, जो लगभग 1,414 वर्ग किलोमीटर में फैला है. बफर जोन लगभग 925.12 वर्ग किलोमीटर है.
किस टाइगर रिजर्व की सबसे ज्यादा कमाई?
मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में प्रबंधन को 5 करोड़ रुपए से अधिक की रिकॉर्डतोड़ आय होती है. इतिहास में पहली बार किसी टाइगर रिजर्व में 2 लाख से ज्यादा देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे. यहां आने वाले पर्यटकों को आसानी से बाघों के दीदार हो जाते हैं. यहां के हिनौता गेट से बाघिन पी652 और उसके शावक आकर्षण का केंद्र रहे, तो वहीं मडला गेट में बाघिन पी-151 और उसके 4 शावक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे.
पर्यटक बढ़े, तो बढ़ी पन्ना टाइगर रिजर्व की कमाई
देशभर से लोग बाघ देखने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं. अब विदेशी पर्यटकों की संख्या भी अच्छी खासी हो गयी है. 11 अक्टूबर 2023 से 30 मई 2024 तक 2 लाख के ज्यादा टूरिस्ट पन्ना टाइगर रिजर्व घुमने आये. पर्यटकों की संख्या बढ़ी, तो पन्ना टाइगर रिजर्व की कमाई में भी बंपर इजाफा हुआ.
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By Mithilesh Jha
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