ePaper

चाईबासा : मौसम के उतार- चढ़ाव से मलेरिया व टाइफाइड के मामले बढ़े

Updated at : 16 May 2024 11:39 PM (IST)
विज्ञापन
चाईबासा : मौसम के उतार- चढ़ाव से मलेरिया व टाइफाइड के मामले बढ़े

चाईबासा के सदर अस्पताल में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच मलेरिया व टाइफाइड के मामले बढ़ गए हैं. जिससे अस्पताल में बेड फुल हो गया है. युवकों का इलाज बुजुर्ग वार्ड में चल रहा है.

विज्ञापन

संवाददाता, चाईबासा

पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बार फिर गर्मी सताने लगी है. बीते एक माह से प्रचंड गर्मी से लोग परेशान हैं. हालांकि बीच में दो-तीन दिन हुई हल्की बारिश ने थोड़ी राहत दी. अब एकबार फिर लोग गर्म हवा व उमस से परेशान हैं. लोग बीमार पड़ने लगे हैं. मलेरिया और टाइफायड के मरीज बढ़ने लगे हैं. उमस भरी गर्मी में खान-पान में ऊंच-नीच होने पर उल्टी और बुखार की शिकायत सामने आने लगी है. पिछले एक सप्ताह में शहर के दर्जनों लोग उल्टी और बुखार पीड़ित हुए हैं. इससे कहीं ज्यादा लोग मलेरिया और टायफायड की चपेट में आ गये हैं. सदर अस्पताल का बेड फुल हो गया है. स्थिति यह है कि बुजुर्ग वार्ड में मलेरिया और टायफायड से पीड़ित नौजवानों को भर्ती करना पड़ रहा है.

शहर में नहीं हो रहा छिड़काव

जानकारी के अनुसार, शहर के महुलसाई, शास्त्रीनगर, नीमडीह, टुंगरी आदि स्थानों पर लोग मलेरिया और टायफायड से ग्रसित हो रहे हैं. मौसम में उतार- चढ़ाव के बीच शहर से गांव तक मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. पंचायत स्तर या नगर परिषद की ओर से छिड़काव और फागिंग मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. यही वजह है कि शहर से लेकर गांव तक लोग मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. इसके अलावा लोगों में सिरदर्द और गले में कफ की शिकायत तेजी से फैल रही है.

चाईबासा का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री

दरअसल, बीते माह प्रचंड गर्मी के कारण राहत पाने के लिये ज्यादातर लोग ठंडे पानी का सेवन करने लगे थे. उस समय तापमान 44 डिग्री पार कर गया था. ऐसे में लोग राहत पाने के लिये ठंडा पानी पीने लगे थे. उनकी यह आदत अब भी बनी हुयी है, जबकि अब अधिकतम तापमान 35- 36 डिग्री तक रह रहा है. धूप के साथ रह-रहकर आकाश में बादल छा रहे हैं. गुरुवार को चाईबासा का अधिकतम तापमान 37.5 व न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इससे उमस काफी बढ़ गयी है. इसके बावजूद लोग जरा सी धूप और गर्मी महसूस होने पर ठंडे पानी का सेवन कर रहे हैं. ऐसे में लोग खांसी और कफ की बीमारी का शिकार होने लगे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola