Novamundi Basanti Puja: नोवामुंडी में महाष्टमी पर बासंती पूजा का भव्य आयोजन, 1982 से चली आ रही परंपरा

Updated at : 26 Mar 2026 12:59 PM (IST)
विज्ञापन
Noamundi Basanti Puja

नोवामुंडी की लिंक रोड पर पूजा पांडाल. फोटो: प्रभात खबर

Novamundi Basanti Puja: नोवामुंडी में 1982 से आयोजित हो रही बसंती पूजा में इस वर्ष भी भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. महाअष्टमी पर विशेष पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाभोग वितरण ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया. टाटा स्टील के सहयोग से यह आयोजन हर साल भव्य रूप में संपन्न होता है. नोवामुंडी के बासंती पूजा की पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Novamundi Basanti Puja: झारखंड के नोवामुंडी के लिंक रोड स्थित श्री श्री बासंती पूजा कमिटी द्वारा वर्ष 1982 से लगातार मां बासंती की पूजा का आयोजन किया जा रहा है. यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती देती है. हर वर्ष यह आयोजन पहले से अधिक भव्य और आकर्षक रूप में सामने आता है.

महाअष्टमी पर विशेष पूजा और वैदिक अनुष्ठान

वैदिक पूजा कराते पुरोहित.

इस वर्ष महा अष्टमी के पावन अवसर पर सुबह 8 बजे से पूजा विधिवत शुरू हुई. बांकुड़ा से आए विद्वान पुरोहित रामा प्रसाद भट्टाचार्य और सहायक पुजारी आसिम चटर्जी ने शास्त्रोक्त विधि से पूजा संपन्न कराई. वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया.

श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़

महाष्टमी पर मां दुर्गा की हाथ जोड़कर आराधना करतीं महिलाएं.

पूजा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. महिलाएं पारंपरिक साड़ी और पुरुष पारंपरिक पोशाक में नजर आए. सभी ने मां बासंती के चरणों में श्रद्धा अर्पित की. पूजा कमिटी के सेक्रेटरी बापी मन्ना सहित कई सदस्यों की सक्रिय भूमिका ने आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाया.

पुष्पांजलि और संधि पूजा का विशेष महत्व

हाथ में फूल लेकर मां भगवती की पुष्पांजलि करतीं महिलाएं.

सुबह 11 बजे श्रद्धालुओं ने मां को पुष्पांजलि अर्पित की. भीड़ अधिक होने के कारण इसे दो चरणों में कराया गया ताकि हर भक्त को अवसर मिल सके. दोपहर 2:06 बजे संधि पूजा संपन्न हुई, जो इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रही. इसके बाद 2:30 बजे फिर से पुष्पांजलि दी गई, जिसमें भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था.

महाभोग और सामूहिक सहभागिता

मां भगवती को नमस्कार करते भक्तगण.

शाम 7 बजे महाभोग का वितरण किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया और मां का आशीर्वाद लिया. यह आयोजन सामूहिक एकता और सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है, जहां सभी वर्गों के लोग एक साथ शामिल होते हैं.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई रौनक

मां दुर्गा, महिषासुर और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा की पूजा करते पुरोहित.

रात 8 बजे भव्य गीत-संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. बच्चों और महिलाओं के लिए मिनी मीना बाजार भी लगाया गया, जहां झूले, खान-पान और श्रृंगार सामग्री के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने. यह बाजार पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का खास जरिया साबित हुआ.

टाटा स्टील का सहयोग बना आधार

पूजा कमेटी के अनुसार इस आयोजन में टाटा स्टील का लगातार सहयोग मिलता रहा है. इस सहयोग से आयोजन को और अधिक भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जाता है. आयोजकों ने इस समर्थन को पूजा की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया.

इसे भी पढ़ें: रामनवमी के दिन सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा, बिहार-झारखंड के छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम

माता भगवती का स्वरूप.

नोवामुंडी में आयोजित यह बासंती पूजा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को जोड़ने का काम करती है. वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था को मजबूत कर रही है. यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि समय के साथ मां बसंती के प्रति श्रद्धा और भी गहरी होती जा रही है.

इसे भी पढ़ें: रामनवमी पर इलेक्ट्रॉनिक लाइट से सज गया मेदिनीनगर, छहमुहान पर लगा 55 फीट का टावर

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola