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चाईबासा : अतिक्रमण से नप को भी नहीं मिल रही वेंडिंग जोन को जमीन

नगर परिषद ने ठेला-खोमचा वालों को जगह देने का लिया निर्णय. छह साल पूर्व तत्कालीन नप के इओ ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान

संवाददाता, चाईबासा

नगर परिषद ठेला व खोमचा वालों को जगह पर दुकान उपलब्ध कराने, वेंडिंग जोन बनाने पर विचार कर रहा है. इसके लिए जमीन का भी चयन किया है, लेकिन जमीन अतिक्रमण के आड़े आ रहा है. हालांकि यह वेंडिंग जोन लोकसभा चुनाव के बाद बनाया जायेगा, लेकिन नप की जमीन पर अतिक्रमण किये जाने के कारण नप को इस मामले में सिर खपाना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार, शहर में जोड़ातालाब के किनारे मंगलाहाट परिसर में वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन यहां अतिक्रमण कर बनाये गये आधा दर्जन खटाल परेशानी का कारण बने हैं. खटाल करीब एक दशक से चल रहा है. स्थिति यह है कि खटाल संचालकों ने न केवल मंगलाहाट की जमीन को अतिक्रमण कर रखा है, बल्कि वहां तक बनायी गयी पीसीसी सड़क पर ही मवेशी बांधकर उसे भी अतिक्रमण कर लिया है. इस वजह से नप को इस मामले में माथापच्ची करनी पड़ रही है.

अतिक्रमण हटाने के बाद फिर संचालित हुआ खटाल

ऐसी बात नहीं है कि नप की ओर से अतिक्रमित जमीन से खटालों को हटाने की कोशिश नहीं की गयी है, लेकिन इसमें पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पायी है. मालूम हो कि करीब छह साल पूर्व तत्कालीन नप के कार्यपालक पदाधिकारी कमल कुमार सिंह द्वारा न केवल शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, बल्कि जोड़ा तालाब के किनारे मंगलाहाट परिसर में अतिक्रमण कर बनाये गये खटालों को हटवाया गया था. इसके बाद नप द्वारा उक्त स्थल पर पीसीसी निर्माण भी करा दिया गया था. पीसीसी सड़क निर्माण के बाद पुन: खटाल संचालकों ने उक्त स्थान पर मवेशियों को बांधना शुरू कर दिया. साथ ही खटालों की संख्या भी बढ़ा दी.

450 से अधिक वेंडरों के लिए बाबा मंदिर के पास ही वेंडिंग जोन

गौरतलब हो कि मौजूदा समय में शहर के करीब 450 से अधिक वेंडरों के लिए सिर्फ बाबा मंदिर के पास ही वेंडिंग जोन है, जबकि मधुबाजार सब्जी मार्केट और मंगलाहाट परिसर में भी वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव है. मधुबाजार में जिस जगह पर वेंडिंग जोन प्रस्तावित है, वहां अतिक्रमण नहीं है. जोड़ा तालाब के पास मंगलाहाट परिसर के पश्चिम मार्ग पर खटाल बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है. ,

कोट

मंगलाहाट परिसर में अतिक्रमित जमीन को खाली करने के लिए कई बार नप की ओर से कहा गया है. लेकिन जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जा रहा है.

-प्रतिभा रानी, नप की प्रशासक

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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