जंगल में वर्चस्व को लेकर गांवों में तनाव

Updated at : 11 Sep 2016 5:42 AM (IST)
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जंगल में वर्चस्व को लेकर गांवों में तनाव

ग्रामीणों के बीच कभी भी हो सकता है हिंसक संघर्ष टोली बना कर ग्रामीण कर रहे हैंं जंगल की पहरेदारी चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के टोकलो थाना क्षेत्र अंतर्गत सुदूरवर्ती क्षेत्र हेसेलकुटी, कलादाम, कुदापी, कुरमुंडा, नलिता गांव के ग्रामीण तथा कायदा एवं कुदाहातु के ग्रामीणों के बीच जंगल में वर्चस्व को लेकर पिछले कई माह […]

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ग्रामीणों के बीच कभी भी हो सकता है हिंसक संघर्ष

टोली बना कर ग्रामीण कर रहे हैंं जंगल की पहरेदारी
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के टोकलो थाना क्षेत्र अंतर्गत सुदूरवर्ती क्षेत्र हेसेलकुटी, कलादाम, कुदापी, कुरमुंडा, नलिता गांव के ग्रामीण तथा कायदा एवं कुदाहातु के ग्रामीणों के बीच जंगल में वर्चस्व को लेकर पिछले कई माह से तनाव चल रहा है. इन गांव के ग्रामीणों के बीच कभी भी हिंसक घटना घट सकती है. जंगल में वर्चस्व व कब्जा जमाने को लेकर 20 व 30 की संख्या में टोली बना कर अपने अपने क्षेत्र में रोजाना पहरेदारी कर रहे हैं.
कायदा कुदाहातु गांव के ग्रामीणों का जंगल में अलग हिस्सा है एवं हेसेलकुटी के ग्रामीणों का अलग हिस्सा है. परंतु हेसलकुटी के ग्रामीण कलादाम, कुदापी, कुरमुंडा, नलिता आदि गांव के ग्रामीणों को एक साथ मिला कर कायदा व कुदाहातु के हिस्से के जंगल को कब्जा करने के लिये वर्चस्व जारी रखा है. हेसलकुटी वन रक्षा समिति प्रतिदिन 30 व्यक्ति का समूह बना कर जंगल की रक्षा कर रहे हैं. जबकि कायदा कुदाहातु वन रक्षा समिति 20 सदस्यों की टीम बना कर अपने हिस्से की वन का रखवाली कर रहे हैं. इन जंगल रक्षकों के बीच रखवाली करने के दौरान कई बार झगड़ा भी चुका है.
कायदा-कुदाहातु के ग्रामीणों का जंगल पर नहीं है कोई अधिकार: वनरक्षक,हेसलकुटी
हेसलकुटी के वन रक्षकों का कहना है कि ये वन हमारा है. इसमें कायदा कुदाहातु के ग्रामीणों का कोई अधिकार नहीं है. कायदा-कुदाहातु के ग्रामीणों को जलावन की लकड़ी, घर मरम्मती के लिये लकड़ी, पत्ता-दातुन एवं सामाजिक क्रियाकर्म के लिये आवश्यक चीजें लेने से वंचित किया जा रहा है. भविष्य में हिंसक घटना न घटे इसके लिये कायदा-कुदाहातु के ग्रामीणों ने हेसेलकुटी के ग्रामीणों के साथ संधि करने का प्रयास किया. परंतु कोई लाभ नहीं हुआ. वन अधिकारी व प्रशासनिक पदाधिकारियों को इस गंभीर समस्या को लेकर आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गयी है.
1994 से जंगल की रखवाली कर रहे हैं कायदा- कुदाहातु के ग्रामीण: अनिल किशोर मुंडा
हिंसक घटना को रोकने के लिये कायदा-कुदाहातु के ग्रामीण जिला वन अधिकारी, उपायुक्त एवं वन प्रमंडल चक्रधरपुर को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन वन विभाग ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया है. वन सुरक्षा समिति कुदाहातु-कायदा के अध्यक्ष अनिल किशोर मुंडा ने बताया कि कायदा-कुदाहातु के ग्रामीण 1994 से अपने हिस्से के वन की रखवाली करते आ रहे हैं. जिससे वन में बड़े पैमाने पर वृक्ष सुरक्षित है. पेड़ों की लालच में हेसलकुटी के ग्रामीण इस तरह का काम रहे हैं.
ग्रामीणों के बीच समौझता करा लेंगे : विनय कुमार
केरा वन क्षेत्र पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा कि जंगल को लेकर ग्रामीणों के बीच जो विवाद उत्पन्न हुआ है. उसका शीघ्र निपटारा कर लिया जायेगा. दोनों पक्ष के ग्रामीण एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है. जंगल सबके लिये है. दोनों पक्ष के ग्रामीणों की बैठक कर समझौता कराने का प्रयास किया जायेगा. जंगल को लेकर हुई विवाद की जानकारी मिली है. समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है.
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