तीन कमरों में कक्षा 1-10 तक पढ़ाई 14 शिक्षक और छात्रों का पता नहीं
Updated at : 29 Jul 2016 6:11 AM (IST)
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आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय का हाल चक्रधरपुर : जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रदीप चौबे व चक्रधरपुर क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी रामपति राम ने गुरुवार को चक्रधरपुर पंप रोड स्थित आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान स्कूल में एक भी शिक्षक या छात्र नहीं मिला. जबकि, स्कूल में 14 […]
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आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय का हाल
चक्रधरपुर : जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रदीप चौबे व चक्रधरपुर क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी रामपति राम ने गुरुवार को चक्रधरपुर पंप रोड स्थित आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान स्कूल में एक भी शिक्षक या छात्र नहीं मिला. जबकि, स्कूल में 14 शिक्षक व तीन शिक्षिकेतर कर्मचारी के पद सृजित हैं और कागजों में सभी पदस्थापित भी हैं. स्कूल के रजिस्टर तो नहीं मिले,
लेकिन सैकड़ों की संख्या में बच्चों के नामांकन की बात कही जा रही है. जांच दल में शामिल पदाधिकारियों को केवल नवल किशोर नामक व्यक्ति स्कूल प्रांगण में मिला, जो सफाई का काम करवा रहा था. दो महिला मजदूर जमीन में ईंट बिछाती मिलीं. जानकारी मांगे जाने पर किसी ने भी स्कूल का कोई अभिलेख नहीं दिखाया. इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से पक्ष लेने की कोशिश की गयी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
अनुदान के लिए चलता है स्कूल : डीइओ के
तीन कमरों में कक्षा 1-10 तक…
मुताबिक आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय एक ही भवन में चलता है. 8 गुणा 8 के सिर्फ तीन कमरे हैं. तीन कमरों में 1-10 तक वर्ग, कार्यालय, प्रधानाध्यापक कक्ष आदि का संचालन असंभव है. स्कूल प्रस्वीकृति या अनुदान की शर्तें पूरी नहीं करता है. उन्होंने कहा कि खेल का मैदान, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, अग्निशामक कक्ष समेत अन्य कई आवश्यकताओं को पूर्ण करने पर ही प्रस्वीकृति मिल सकती थी, लेकिन यह सभी कुछ इस विद्यालय में नहीं है. उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को बीइइओ तेजिंदर कौर ने विद्यालय की जांच की थी. इसके बाद ही यह मामला सामने आया. विद्यालय की ओर से 50 डिसमिल भूमि का परचा विभाग के पास जमा कर प्रस्वीकृति ली गयी है, लेकिन एक भी परचा या अभिलेख जांच के दौरान नहीं दिखाया गया. डीइओ श्री चौबे ने कहा कि विभाग को स्कूल का अनुदान रोकने और प्रस्वीकृति रद्द करने के लिए अनुशंसा की जायेगी.
चक्रधरपुर के स्कूल का निरीक्षण
करने पहुंचे डीइओ हाल देख हुए चकित
आदिवासी संस्कृत प्राथमिक, मध्य सह उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर की मौके पर जांच करते आरइओ, जानकारी देते कमल किशोर व मौजूद सीआरपी.
प्रस्वीकृित रद्द करने की अनुशंसा की जायेगी
8 गुणा 8 के सिर्फ तीन कमरों में 1-10 तक वर्ग, कार्यालय, प्रधानाध्यापक कक्ष आदि का संचालन असंभव है. विद्यालय की ओर से 50 डिसमिल भूमि का परचा विभाग के पास जमाकर प्रस्वीकृति ली गयी है. एक भी परचा या अभिलेख जांच में नहीं दिखाया गया. स्कूल का अनुदान रोकने व प्रस्वीकृति रद्द करने के लिए विभाग को अनुशंसा की जायेगी. प्रदीप चौबे, डीइअो
4 लाख 78 हजार रुपये का मिला है अनुदान : डीइअो प्रदीप चौबे ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में स्कूल को सरकार की ओर से 4 लाख 78 हजार 657 रुपये अनुदान मिला है. प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि इस स्कूल में पठन-पाठन नहीं होता है. केवल अनुदान हासिल करने के लिए स्कूल की प्रस्वीकृति ली गयी है. विद्यालय को पूर्ण प्रस्वीकृति प्राप्त है, लेकिन स्कूल में एक भी शिक्षक या बच्चा नहीं है.
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