चाईबासा : सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया, राम मंदिर हमारा, अध्यादेश की जरूरत नहीं : जगतगुरु शंकराचार्य
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :11 Nov 2018 12:27 AM
विज्ञापन

चाईबासा : जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर हमारा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है, जो हमारी जीत है. लेकिन हाइकोर्ट के फैसले में एक टुकड़ा मस्जिद को देने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट में है. इस पर सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला दे देगा. इसलिए केंद्र […]
विज्ञापन
चाईबासा : जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर हमारा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है, जो हमारी जीत है. लेकिन हाइकोर्ट के फैसले में एक टुकड़ा मस्जिद को देने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट में है. इस पर सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला दे देगा. इसलिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है.
राम जन्म भूमि से मुस्लिमों का कोई लेना-देना नहीं है. यहां पर मस्जिद का कोई भी प्रमाण नहीं पाया गया है. इसी कारण हाइकोर्ट ने राम मंदिर बनाने के पक्ष में फैसला दिया था. शंकराचार्य शनिवार को चाईबासा के रूंगटा गार्डेन में पत्रकारों से बात कर रहे थे.
मंदिर व मस्जिद अलग-अलग बनने चाहिए
उन्होंने कहा : मंदिर बनाने का काम रामभक्तों व साधु-संतों पर छोड़ देना चाहिए. इसके लिए 25, 26 व 27 नवंबर को बनारस में धर्म संसद का आयोजन किया गया है. इसमें देश के सभी शंकराचार्य व साधु-संत हिस्सा लेंगे. शंकराचार्य ने कहा : मंदिर व मस्जिद अलग-अलग बनने चाहिए. चूंकि हमारे मंदिर में घंटी भी बजती है, शंख भी बजता है.
इससे मुस्लिमों को परेशानी होगी. वे बार-बार चुप रहने को कहेंगे. इससे विवाद बढ़ेगा. हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है. सत्ता में आने के बाद हर पार्टी को इसकी शपथ लेनी पड़ती. इस कारण कोई भी पार्टी सत्ता में रह कर मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या गुरुद्वारा नहीं बना सकती.
उन्होंने कहा : शहर के नाम बदल जाने से हमारी स्थिति में परिवर्तन नहीं आनेवाला.
शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा
जब वह प्रधानमंत्री के उम्मीदवार बनाये गये थे, तब उन्होंने हर जगह अपने भाषण में गो-हत्या व गो-मांस के निर्यात को लेकर खूब चिंता जतायी. पर यूपीए सरकार की तरह ही मोदी सरकार में भी भारत गो-मांस का सबसे बड़ा निर्यातक देश बना हुआ है. अगर हिंदुत्व की भावना होती, तो शहर के नाम बदलने से पहले गो-हत्या और गोमांस के निर्यात पर प्रतिबंध ला सकते थे.
क्या-क्या बोले
- रामजन्म भूमि से मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं
- मंदिर के पास मस्जिद होने से बढ़ेगा विवाद
- शहरों के नाम बदलने के पीछे हिंदुत्व की भावना नहीं, यह राजनीतिक चाल, लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा
- मोदी सरकार में हिंदुत्व की भावना होती, तो गो-हत्या और गो-मांस के निर्यात पर प्रतिबंध लग जाता
- राजनेता धर्म को सत्ता की सीढ़ी माने रहे
शंकराचार्य ने कहा
आज राजनीति में धर्म प्रवेश कर गया है. राजनेता धर्म को सत्ता की पहली सीढ़ी मानने लगे हैं. इसलिए देश में धर्म की राजनीति होने लगी है. उन्होंने कहा : नैतिकता का स्तर काफी गिर गया है. जिस कन्या को हम देवी मानकर पूजते हैं, उसी के साथ आज जघन्य अपराध हो रहा है. लोगों में धर्म का ज्ञान नहीं होने के कारण इस तरह की घटना बढ़ रही है, जो फांसी देने से भी बंद नहीं होगी.
सरना व सनातन एक हैं
शंकराचार्य ने कहा : आदिवासियों को दिग्भ्रमित कर व लोभ देकर बड़े पैमाने पर धर्मान्तरण किया जा रहा है. आदिवासी हिंदुओं के अभिन्न अंग हैं, लेकिन उन्हें हिंदुओं के विरोध में बरगलाया जा रहा है. आदिवासी व हममें कोई भेद नहीं है. सरना व सनातन एक हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










