ग्रामीण सेवा कोऑपरेटिव सोसायटी से धोखाधड़ी की हो रही है जांच
सैकड़ों लोगों के लाखों रुपये फंसे, प्रबंधक की सफाई से पुलिस संतुष्ट नहीं
चाईबासा : बड़ी बाजार से संचालित ग्रामीण सेवा को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड के शाखा प्रबंधक शशिकांत ठाकुर की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है. निवेशकों के लाखों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत के आलोक में उन पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा है. विगत जुलाई में चाईबासा निवासी बुधन सिंह हेस्सा नामक उपभोक्ता ने सोसायटी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की थी.
इसकी जांच की जिम्मेवारी डीएसपी को सौंपी गयी है.
इस बीच आरोपी शाखा प्रबंधन ने पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता को पत्र लिखकर पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है. शाखा प्रबंधक के अनुसार चाईबासा स्थित सोसायटी में 227 उपभोक्ताओं के करीब 45 लाख रुपये फंसे हैं.
उन्होंने बताया है कि सोसायटी के प्रबंधन के खिलाफ कोलकाता में सीबीआइ केस चल रहा है, जिसमें कंपनी प्रबंधन तथा नेदेशक की करोड़ों की संपत्ति जब्त हो गयी है, जिसके कारण निवेशकों का भुगतान नहीं हो पा रहा है. शशिकांत ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर तीन और साथियों के साथ उन्होंने स्थानीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. इस बीच सोसायटी के मामले की छानबीन जारी है.
पूरे फर्जीवाड़े में प्रथम दृष्टया शाखा प्रबंधक गुनहगार हैं, जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.
-प्रकाश सोय, डीएसपी हेडक्वार्टर
