बीएड कॉलेजों को हर वर्ष लेनी होगी मान्यता
Updated at : 12 Jun 2017 1:24 AM (IST)
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शिक्षा में गुणवत्ता के लिए एनसीटीइ ने शुरू किये नये नियम चाईबासा : एनसीटीइ (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) के नये नियम के तहत सभी बीएड कॉलेजों को पांच साल में एक बार मूल्यांकन अवश्य कराना होगा. वहीं बीएड कॉलेजों को प्रत्येक साल एनसीटीइ से मान्यता लेनी होगी. इससे पूर्व सिर्फ एक बार मान्यता लेने […]
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शिक्षा में गुणवत्ता के लिए एनसीटीइ ने शुरू किये नये नियम
चाईबासा : एनसीटीइ (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) के नये नियम के तहत सभी बीएड कॉलेजों को पांच साल में एक बार मूल्यांकन अवश्य कराना होगा. वहीं बीएड कॉलेजों को प्रत्येक साल एनसीटीइ से मान्यता लेनी होगी. इससे पूर्व सिर्फ एक बार मान्यता लेने का प्रावधान था. एनसीटीइ ने नेशनल लेवल पर उक्त निर्णय लिया है. कोल्हान विवि प्रशासन लगातार अंगीभूत व संबद्धता प्राप्त बीएड कॉलेजों को एनसीटीइ के नियमों से अवगत करा रहा है.
एनसीटीइ ने कॉलेजों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सख्ती दिखानी शुरू की है. नए नियम के तहत एनसीटीइ से मान्यता प्राप्त कॉलेजों को पांच साल के अंदर किसी प्रत्यायन एजेंसी से मूल्यांकन कराना जरूरी होगा. वर्तमान में जिन कॉलेजों का मूल्यांकन नहीं हुआ है, उन्हें एक साल के अंदर मूल्यांकन कराना होगा. जिन कॉलेजों का मूल्यांकन प्रत्यायन एजेंसी से नहीं होगा, उन्हें मान्यता नहीं की जाएगी.
कॉलेज संचालकों को एक माह में डाटा अपलोड करने की मोहलत
उधर, बीएड कॉलेज संचालकों की लापरवाही उन्हें बीएड काउंसलिंग की दौड़ से बाहर कर सकती है. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीइ) ने कॉलेज संचालकों को एक माह की मोहलत दी है. इस दौरान कॉलेज संचालक कॉलेज का डाटा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं करते हैं, तो उन्हें बीएड काउंसलिंग से बाहर कर दिया जायेगा. एनसीटीइ ने सभी बीएड कॉलेज संचालकों को विवि के माध्यम से पत्र भेजा है. परिषद की वेबसाइट पर कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर समेत शिक्षकों की स्थिति, विद्यार्थियों की सुविधाएं व बीएड भवन का जिक्र करना होगा.
पांच साल में एक बार बीएड कॉलेजों को कराना होगा मूल्यांकन
डाटा अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों को काउंसीलिंग से बाहर कर दिया जायेगा
केयू : पांच अंगीभूत व आठ एफिलिएटेड कॉलेज
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत कुल 13 बीएड कॉलेज का संचालन हो रहा है. इनमें पांच सरकारी व आठ निजी बीएड कॉलेज हैं. पूर्व में एनसीटीइ का नियम पालन नहीं करने की वजह से दो सरकारी बीएड कॉलेज को बंद कर दिया गया था. इसमें जेएलएन कॉलेज चक्रधरपुर व टाटा कॉलेज चाईबासा शामिल है. हालांकि दोनों कॉलेजों को साल भर की मोहलत दी गयी थी. साल भर में विद्यार्थियों की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त नहीं कर पाया है. हालांकि कॉलेज प्रशासन के मुताबिक अगले सत्र से दोनों कॉलेजों में बीएड शुरू होने की संभावना है.
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