रांची में पेट की जंग लड़ रहे रांची के छोटे दुकानदार, छोटू सिलेंडर नहीं मिलने से चाय-पानी नदारद

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रांची में गैस सिलेंडर का संकट

Ranchi LPG Crisis: रांची में गैस की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों के कारण छोटे दुकानदार अब ‘पेट की जंग’ लड़ रहे हैं. प्रभात खबर की विशेष टीम ने जब शहर के तीन प्रमुख ठिकानों का जायजा लिया, तो कहीं सिलेंडर बोरे में छिपे मिले, तो कहीं आजीविका छिनने का डर. देखिए अंतरराष्ट्रीय संकट का स्थानीय बाजार पर कैसा पड़ रहा है असर.

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Ranchi LPG Crisis: देशभर में रसोई गैस की किल्लत के बीच झारखंड की राजधानी रांची में 5 किलो वाला छोटू सिलेंडर नहीं मिलने से छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों पेट की जंग लड़ रहे हैं. छोटे दुकानदारों के सामने जहां रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है, वहीं ग्राहकों को चाय-पानी मिलना भी मुश्किल है. खासकर, दफ्तरों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने संकट पैदा हो गया है. छोटे दुकानदारों और ग्राहकों की इस परेशानी के मद्देनजर ‘प्रभात खबर’ ने शहर के तीन स्पॉट का जायजा लिया.

आपके शहर में

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अल्बर्ट एक्का चौक

रांची के पॉपुलर जगहों में एक अल्बर्ट एक्का चौक है. यहां ठेले पर छोले-भटूरे, चाउमिन-चिल्ली, जलेबी सहित खाने-पीने की दूसरी चीजें भी मिल जाती हैं. अब जब से छोटू सिलेंडरों का संकट पैदा हुआ है, तब से दुकानदार परेशान हैं. दुकानदारों का बताया कि उन्होंने सिलेंडर के लिए काफी प्रयास किया. जब कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला, तो महंगे दामों पर घरेलू गैस सिलेंडर खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं.

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वेंडर मार्केट के निकट

रांची के कचहरी चौक पर अटल वेंडर मार्केट है. यहां पर मोमो, चाट और फास्ट फूड की बिक्री की जाती है. गैस की किल्लत पैदा होने से पहले यहां के दुकानदार 14.2 किलो से लेकर पांच किलो का छोटू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे थे. लेकिन, किल्लत पैदा होने के बाद अब वे प्रशासन के डर से सिलेंडर को बोरा से ढंककर इस्तेमाल कर रहे थे. दुकानदारों ने कहा कि अभी जो हालात बने हैं, उसमें ठेला लगाना मुश्किल हो गया है. उन्होंने बताया कि पेट पालने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है.

पुरानी हजारीबाग रोड का क्या है हाल

रांची की पुरानी हजारीबाग रोड पर भी छोटे दुकानदार ठेला लगाकार इडली, चाट, मोमो, फास्ट फूड आदि की बिक्री करते हैं. छोटू और कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी की मार इन पर भी पड़ रही है. इन दुकानदारों ने बताया कि छोटू सिलेंडर में गैस भराना काफी महंगा हो गया है. जो गैस किल्लत शुरू होने से पहले 120-140 रुपये किलो में मिल जाती थी, अब उन्हें 320 रुपये किलो तक भुगतान करना पड़ रहा है.

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