करीब 70 लाख का व्यवसाय प्रभावित
सिमडेगा : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के विरोध में उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ द्वारा बुधवार को आहूत बंद का जिले में व्यापक असर देखा गया. वाहनों के चक्के नहीं चले. सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान बंद रहे. सरकारी कार्यालय खुले रहे, किंतु लोगों की उपस्थिति काफी कम रही. स्कूल, कॉलेज खुले रहे, किंतु दूर दराज से आने वाले विद्यार्थी अनुपस्थित रहे. सड़कें वीरान रही तथा बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा.
बंद के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. विशेष रूप से यात्रियों को परेशानी हुई. यात्रियों को इधर उधर भटकते हुए देखा गया, जिसका लाभ छोटे वाहनों ने उठाया. टेंपो वालों में मनमाना किराया वसूला. दूर दराज से लोग शहर तक नहीं पहुंच पाये.
बंद का विशेष असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा. मजदूर व रिक्शा चालक काम की तलाश में शहर तक आये, किंतु काम नहीं मिलने के कारण बैरंग लौट गये. बंद का असर साप्ताहिक हाट बाजार एवं डेली मार्केट पर भी पड़ा. बाजार में कम भीड़ भाड़ देखी गयी. ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां नहीं आने के कारण सब्जी के दाम में तेजी देखी गयी. बंद का असर न्यायालय कार्य में भी पड़ा. कई वादों का निबटारा नहीं हो पाया. कचहरी परिसर में भी सन्नाटा पसरा रहा. इधर, जिले के कोलेबिरा, बानो, जलडेगा, बांसजोर, ठेठइटांगर, बोलबा, कुरडेग, केरसई व पाकरटांड़ प्रखंड क्षेत्रों में भी बंद असरदार रहा. बानो एवं ओड़गा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन नित्य की भांति सुचारू रहा. सभी ट्रेनें समय आयी तथा गयी. समाचार लिखे जाने तक कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं थी.
केरसई प्रखंड में दुकानें बंद रही तथा वाहनों का परिचालन ठप रहा. बैंक व प्रखंड कार्यालय भी बंद रहा. बोलबा में भी बंद का व्यापक असर देखा गया. दुकानें बंद रहने के साथ बैंक एवं प्रखंड कार्यालय के अलावा अधिकतर सरकारी दफ्तर बंद रहे.
