सिमडेगा : कल जहां बंदूक का जोर था, आज वहां ईवीएम का शोर दिखा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

रविकांत साहू, सिमडेगा

कल तक जहां बंदूकों का जोर था, आज वहीं पर ईवीएम का शोर देखने को मिला. यह स्थिति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में देखने को मिली. शहरी क्षेत्र की अपेक्षा एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में बंपर वोटिंग हुई है. सिमडेगा विधानसभा के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र तामड़ा, सिकरियाटांड़, भेलवाड़ी, क्रुशकेला, बिलिंग बिरा, कटासारु के अलावे अन्य क्षेत्रों में भी वोटरों में काफी उत्साह देखने को मिला.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे मतदाताओं का भी उत्साह बढ़ता गया. मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिली. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर सीआरपीएफ को सुरक्षा के दृष्टिकोण से तैनात किया गया था. सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे जंगली इलाकों को अपने कब्जे में लेकर सफलतापूर्वक वोटिंग करायी. वोटिंग के दौरान सीआरपीएफ के जवानों को जंगलों में गश्त लगाते हुए भी देखा गया.

हर आने जाने वाले लोगों पर सीआरपीएफ के जवान पैनी नजर रख रहे थे. मतदान केंद्रों पर भी हर तरफ से सुरक्षा बलों की नजरें थी. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के सिकरियाटांड़ बूथ नंबर 371 पर 3 बजे तक 69 प्रतिशत मतदान हो चुका था. इसी प्रकार बूथ नंबर 83 में 77 प्रतिशत मतदान 12:30 बजे तक हो चुका था. इससे आगे बुंडूपानी में लगभग 1.30 बजे के करीब 74 प्रतिशत मतदान हो चुका था.

आगे बिलिंगबिरा बूथ नंबर 45 में 2 बजे के करीब तक 61 प्रतिशत एवं राजकीय मध्य विद्यालय बुंडूपानी में 75 प्रतिशत तथा कोबांग पाकरटांड बूथ नंबर 97 में 73 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदाताओं ने बंपर वोटिंग की. इसकी तुलना में अन्य ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्र में वोटिंग प्रतिशत कम रहा.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें