सिमडेगा : फाइलेरिया मुक्ति अभियान 10 से 15 जनवरी तक, मीडिया कर्मियों का एक दिवसीय कार्यशाला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jan 2019 9:42 PM
।। रविकांत साहू ।। सिमडेगा: समाहरणालय स्थित सभागार में फाइलेरिया मुक्ति अभियान पर मीडिया कर्मियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उपायुक्त जट शंकर चौधरी एवं सदर अस्पताल के सिविल सजर्न डॉ पीके सिन्हा मुख्य रूप से उपस्थित थे. इस अवसर पर उपस्थित मीडिया कर्मियों को फाइलेरिया मुक्ति अभियान की […]
।। रविकांत साहू ।।
सिमडेगा: समाहरणालय स्थित सभागार में फाइलेरिया मुक्ति अभियान पर मीडिया कर्मियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उपायुक्त जट शंकर चौधरी एवं सदर अस्पताल के सिविल सजर्न डॉ पीके सिन्हा मुख्य रूप से उपस्थित थे.
इस अवसर पर उपस्थित मीडिया कर्मियों को फाइलेरिया मुक्ति अभियान की जानकारी विस्तार पूर्वक दी गयी. उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान मीडिया की भूमिका अहम है. मीडिया के सहयोग के बिना हम इस कार्यक्रम को सफल नहीं बना सकते हैं. मीडिया के माध्यम से ही हम इसके प्रति लोगों में जागरूकता ला सकते हैं.
उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिये देश के पांच जिलों में सिमडेगा को भी शामिल किया गया है. जिले के लिये यह एक अवसर है. यदि यह कार्यक्रम सफल होता है तो देश के लिये यह जिला मिसाल बनेगा.उपायुक्त ने कहा कि जिले में साढ़े पांच लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है. हमें इस लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करना है. इस मौके पर सिविल सजर्न डॉ पीके सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में फाइलेरिया मुक्ति अभियान की संपूर्ण जानकारियां विस्तार पूर्वक दी.कार्यक्रम में मुख्य रूप से पीसीआई के रणपाल सिंह, नीलम कुमार, डब्लयूएचओ के डॉ मनोज के अलावा अन्य पदाधिकारी व मीडिया कर्मी उपस्थित थे.
* 10 से 15 जनवरी तक चलेगा यह अभियान
‘भाग फाइलेरिया भाग अभियान’ में दस जनवरी से 15 जनवरी तक चलाया जायेगा. इसके तहत दस व 11 जनवरी को स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बूथ बना कर बच्चों को दवा का सेवन कराया जायेगा. इसके बाद 15 जनवरी तक घर-घर जा कर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा दी जायेगी.बताया गया कि इस दवा का सेवन सभी को करना जरूरी है. एक-एक साल में सिर्फ दो बार दवा के सेवन से फाइलेरिया से मुक्ति मिल सकती है.
* क्या है फाइलेरिया
कार्यशाला में जानकारी दी गयी कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रमित रोग है.जो व्यक्ति को किसी भी उम्र हो सकता है. इस बीमारी से ग्रसित लोगों के शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन हो सकता है. विशेष रूप से हाथ या पैर में इसका असर होता है.इस बीमारी को हाथी पैर की बीमारी भी कहा जाता है. फाइलेरिया हो जाने के बाद इसका इलाज संभव है. इसलिए बीमारी होने से पूर्व ही दवा का सेवन जरूरी है तभी इस बीमारी से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं.
* दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं
कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवा का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा.यह दवा पूर्ण रूप से सुरक्षित है.दवा की एक खुराक फाइलेरिया के लिये बेहद प्रभावशाली है.दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं देनी है . साथ ही गर्भवती महिला एवं गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी इस दवा का सेवन नहीं कराना है.
* गुरुवार को अभियान का उदघाटन
एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय सिमडेगा के सभागार में भाग फाइलेरिया भाग अभियान का उदघाटन किया जायेगा. इस मौके पर विधायक विमला प्रधान एवं उपायुक्त जटा शंकर चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे. उपायुक्त श्री चौधरी खुद दवा खा कर इस अभियान की शुरुआत करेंगे.
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