Seraikela Kharsawan News : जाम से बचाने के लिए परीक्षार्थियों को मिलेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’

एनएच-32 : पितकी फाटक पर 10 किमी तक फंस रहीं गाड़ियां, मैट्रिक-इंटर परीक्षा को लेकर सीओ ने रेलवे के साथ की बैठक
चांडिल. चांडिल में एनएच-32 (टाटा-पुरुलिया-धनबाद-बोकारो मार्ग) पर स्थित पितकी रेलवे फाटक यात्रियों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. हाल यह है कि महीने के 25 दिन जाम की स्थिति रहती है. बीते रविवार की शाम से लगा जाम मंगलवार सुबह तक जारी रहा. सड़क के एक ओर घोड़ानेगी तक 10 किलोमीटर और दूसरी ओर रघुनाथपुर तक 8 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी रही. वहीं, मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा को देखते हुए नीमडीह के सीओ अभय कुमार द्विवेदी ने मंगलवार को रेलवे प्रशासन के साथ बैठक की. इसमें चांडिल स्टेशन मास्टर विष्णु तांती और आरपीएफ अधिकारी जी प्रसाद शामिल रहे. यहां हुए निर्णय के अनुसार, परीक्षा अवधि तक प्रतिदिन सुबह 7.30 से 9.30 बजे और दोपहर 12.30 से 2 बजे तक छोटे वाहनों (कार, ऑटो, बाइक) को प्राथमिकता के आधार पर पार कराया जायेगा, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो.
जाम का मुख्य कारण : हर 5 मिनट पर बंद होता है फाटक
पितकी रेलवे फाटक चांडिल जंक्शन के समीप है, जहां से आद्रा और रांची दोनों रेल डिवीजन की ट्रेनें गुजरती हैं. रोजाना सैकड़ों मालगाड़ी और एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही के कारण फाटक औसतन हर पांच मिनट पर बंद करना पड़ता है. टाटा-पुरुलिया मार्ग पर प्रतिदिन 4,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं, लेकिन फाटक खुलने पर केवल चार-पांच ट्रक ही पार हो पाते हैं, जिससे वाहनों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है.एनएचएआइ की सुस्ती और ओवरब्रिज में देरी भी कारण
जाम की एक बड़ी वजह ओवरब्रिज निर्माण में हो रही देरी है. मार्च, 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है. काम की धीमी गति से जनता में नाराजगी है. इसके अलावा, एनएच-32 पर ट्रक खराब (ब्रेक डाउन) होने पर एनएचएआइ ने उन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. ट्रक मालिक जब खुद मिस्त्री भेजते हैं, तब तक सड़क जाम रहती है.
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