स्टोन क्रशर की हैवी ब्लास्टिंग से दरक रही घरों की दीवारें, हरकत में आया खनन विभाग

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अधिकारियों को घरों में पड़ी दरारे दिखाते ग्रामीण

अधिकारियों को घरों में पड़ी दरारे दिखाते ग्रामीण

मेड़की मौजा के स्टोन क्रशर से हो रही हैवी ब्लास्टिंग ने आराहासा और कमारबासा गांवों के दर्जनों घरों को खतरे में डाल दिया है. घरों की दीवारों में आई दरारों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. खनन विभाग ने मौके का जायजा लिया है.

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प्रताप मिश्रा

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर अंचल अंतर्गत मेड़की मौजा स्थित भागवती स्टोन क्रशर की हैवी ब्लास्टिंग से आराहासा और कमारबासा गांव के कई घरों में दरारें आने की शिकायत के बाद खनन विभाग हरकत में आया है. मंगलवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) के उपनिदेशक मिथलेश कुमार ने दोनों गांवों का दौरा कर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली.

निरीक्षण के दौरान देखीं घरों में पड़ी दरारें

निरीक्षण के दौरान पंचायत की उपमुखिया सुनिता तियु ने अधिकारियों को बताया कि स्टोन क्रशर में मैन्युअल तरीके से पत्थर तोड़ने के बजाय लगातार हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है. इसके कारण आराहासा, कमारबासा समेत आसपास के गांवों के दर्जनों मकानों में दरारें पड़ गई हैं. ग्रामीणों में जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी भय का माहौल है. उपनिदेशक मिथलेश कुमार ने प्रभावित घरों में पहुंचकर दरारों का निरीक्षण किया और कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी.

ग्रामीणों ने सुनाई परेशानी

दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक-दो वर्षों से लगातार हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है. इसकी वजह से मकानों में दरारें लगातार बढ़ रही हैं और कई घर गिरने की स्थिति में पहुंच चुके हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार क्रशर प्रबंधन से शिकायत करने के बावजूद ब्लास्टिंग बंद नहीं की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्रशर संचालक ने 70 से 80 फीट तक गहरी खुदाई भी की है.

प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग

पोटका पंचायत की उपमुखिया सुकुरमनी तियु ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि ब्लास्टिंग से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ताकि वे अपने क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत करा सकें.

इन परिवारों के घरों में आई हैं दरारें

ग्रामीणों के अनुसार बंगाली जारिका, लखन जारिका, चंद्र मोहन, सुरेंद्र, दखाय सुरेन, राम हेंब्रम, लखन पुरती, सुशील हेंब्रम, लोबो जारिका, इंद्र जारिका, धनंजय तांती, लोगदो मेलगांडी समेत दर्जनों परिवारों के घरों में ब्लास्टिंग के कारण दरारें पड़ चुकी हैं. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और नुकसान की भरपाई की मांग की है.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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