खरसावां के टुनियाबाड़ी में गहराया पेयजल समस्या, चुआं और कुएं के सहारे ग्रामीण
Published by : Sweta Vaidya Updated At : 21 May 2026 11:16 AM
पेयजल समस्या के समाधान की मांग करते टुनियाबाडी (बाबूसाई टोला) के ग्रामीण
Seraikela Kharsawan News: खरसावां के टुनियाबाड़ी (बाबूसाई टोला) में पेयजल समस्या गंभीर हो गया है. सभी दस चापाकल और दोनों जल मीनार खराब. पानी भरने के लिए चापाकल में रोजाना लगती है महिलाओं की भीड़. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: तेज धूप और गर्मी बढ़ने के साथ ही सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड के टुनियाबाड़ी (बाबूसाई टोला) में पीने के पानी की समस्या गहरा गई है. सरकारी दावों में जलापूर्ति के मामलों में खरसावां के टुनियाबाड़ी बस्ती की स्थिति सामान्य दर्शाया गया है. लेकिन वास्तविक स्थिति सरकारी दावों से पूरी उलट है. सरकार के जल जीवन मिशन के पोर्टल में उल्लेख किया गया है कि टुनियाबाड़ी 140 परिवार (House-hold) में से 95 को नल के कनेक्शन जोड़ दिया गया है, जबकि 45 का अभी भी बाकी है. 700 आबादी वाले टुनियाबाड़ी बस्ती में 63 एससी, 102 एसटी और 535 सामान्य जाति के लोग रहते हैं. धरातल में स्थिति इन दावों के उलट है.
सरकारी चापाकल और जल मीनार खराब

गर्मी के साथ ही पानी की खपत बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर यहां पूर्व में गाड़े गए सभी दस चापाकल खराब पड़े हुए है. दोनो सोलर संचालित मिनी जल मीनार भी खराब पड़े हुए है. ऐसे में लोगों को हर दिन सुबह में ही पानी के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है.
चुआं और कुंआ के पानी से बुझ रही है ग्रामीणों की प्यास

खरसावां के टुनियाबाड़ी (बाबूसाई टोला) के लोगों को पानी के लिए हर दिन जुझना पड़ रहा है. गांव की कई महिलाएं नदी किनारे स्थित चुआं या फिर पुराने कुंआ से पानी ला कर अपनी प्यास बुझा रहे है. हर दिन सुबह में टुनियाबाड़ी बस्ती की महिलाओं को बाल्टी और डिग्ची में पानी भर कर लाते देखा जा सकता है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर सरकारी अधिकारियों से मिल कर खराब पड़े चापाकल और जलापूर्ति योजनाओं को मरम्मति कराने की मांग की गयी, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका.
ग्रामीणों ने खराब चापाकल और जल मीनारों का दुरुस्त करने की मांग की

खरसावां के टुनियाबाड़ी (बाबूसाई टोला) के ग्रामीणों ने खराब पड़े जल मीनारों को दुरुस्त करने की मांग की है. जल्द पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यहां के लोगों को ओर परेशानी उठानी पड़ेगी. श्रीनिवास राय, रमाकांत राय, धृवशंकर राय, रंजीत राय, गणेश सिंहदेव, राघो गुंदुवा, लालबाबू स्वांसी, बासंती नायक, मानी नायक, मोहनी गोप, सेफाली बेहरा, निर्मला सोय, पायल उमंग, शिवांदी बेहरा, रुपाली बेहरा, सत्यनारायण राय आदि ने प्रशासन से पेयजल समस्या का सामाधन करने की दिशा में जरूरी पहल करने की अपील की.
पुरानी जलापूर्ति योजना से घरों तक नहीं पहुंचता है पानी
टुनियाबाड़ी बस्ती के लोगों को पिछले दस वर्षों से खरसावां जलापूर्ति योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2005-06 में शुरु हुए खरसावां जलापूर्ति योजना से टुनियाबाड़ी गांव के करीब चार दर्जन घरों तक पाइप लाइन से पानी पहुंच रही थी. कुछ वर्षों तक ठीक ठाक चलने के बाद धीरे धीरे पाइप लाइन में जाम हो गया. साफ सफाई और मेंटेनेंस के अभाव में पिछले दस वर्षों से पाइप लाइन के जरीए घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
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