खरसावां.
कुचाई में सामुदायिक वन पालन संस्थान की ओर से शुक्रवार को वनोपज के प्रसंस्करण तथा विपणन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गयी. जेएसएलपीएस की महिला समूह की अध्यक्ष व सचिव के लिए यह कार्यशाला आयोजित हुई. इसमें वन आश्रित महिलाओं को वनोपज के प्रसंस्करण के साथ उनका विपणन कर ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने के संबंध में जानकारी दी गयी. मुख्य प्रशिक्षक सूरजमनी भगत ने कहा कि जानकारी के अभाव में वन आश्रितों को वनोपज का सही दाम नहीं मिल पाता और इसका फायदा बिचौलिये उठा लेते हैं. सबसे पहले बाजार को दुरुस्त करना होगा. चिरौजी, हर्रा, बहेरा व साल बीज के लिए बाजार की व्यवस्था हो गयी है. वर्ष 2026 को इनका संग्रहण कर बाजारों में सामूहिक रूप से खरीद-बिक्री की जायेगी. संस्थान के सोहनलाल कुम्हार ने जैविक खेती पर बल दिया. भरत सिंह मुंडा ने कहा कि हमें मजबूत संगठन व समितियां स्थापित करनी होगा, ताकि आमद नियमित होता रहे. धर्मेश भगत ने कहा कि हर व्यक्ति को पौधरोपण करना है. कार्यशाला में अंजलि प्रधान, कदरमनी महतो, कुंति मुंडा, रेशमा महतो, यशवंती उरांव, अनिता सोय, जोगा हेंब्रम, लालमुनी मुंडा, जांबी सोय, पानी हेंब्रम, सीता बांडरा, सूमी सोय आदि उपस्थित रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

